एटा। कलेक्ट्रेट धरना स्थल पर जलेसर थाना क्षेत्र का एक युवक दिवाली से एक दिन पहले अनशन पर बैठा था। इसकी सोमवार को तबीयत खराब होने पर चिकित्सकों की टीम भेजी गई। यहां बीपी और शुगर कम होने की वजह से हालत बिगड़ने की बात कही गई। इसकी जानकारी होने पर कोतवाली नगर पुलिस पहुंची और दिव्यांग को मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया।
थाना जलेसर क्षेत्र के गांव नरहुली निवासी दिव्यांग सुनील कुमार को सोमवार की दोपहर करीब 2:30 बजे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की टीम ने एक घंटे पहले ही अनशन स्थल पर पहुंचकर जांचें की थीं। इसमें ब्लड प्रेशर और शुगर कम पाया गया था। इसकी वजह से सुनील को चक्कर आने के साथ ही घबराहट हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी गई तो कोतवाली प्रभारी निर्दाेष सिंह सेंगर पुलिस बल के साथ पहुंच गए और अनशनकारी को समझाया गया। किसी तरह से समझाकर मेडिकल कॉलेज लेकर आए और भर्ती कराया।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दिव्यांग अपने गांव में झोंपड़ी व शौचालय दूसरे की जमीन पर बनाए था। राजस्व टीम जमीन की पैमाइश करने गई तो जमीन कब्जामुक्त करा दी। इस पर पुन: कब्जा दिलाने की मांग सुनील द्वारा की जा रही है। अनैतिक मांग को लेकर दिव्यांग अनशन पर बैठा था। तबीयत खराब होने पर भर्ती कराया गया है। वही जलेसर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र ने बताया कि गाटा संख्या 651 की 40 वर्ष पहले चकबंदी हुई थी। तब आबादी में घोषित कर दी गई। इसमें मकान बने हुए हैं। सुनील इन मकानों को तोड़कर कब्जा कराने की मांग कर रहा है। जो गलत है। फिर भी खाली जमीन की त्योहार के बाद पैमाइश कराई जाएगी। अगर उसकी जमीन निकलती है तो दिलाई जाएगी।
सुनील कुमार की तहरीर पर जलेसर थाना पुलिस ने गांव के ही रामेश्वर सिंह सहित 3 के खिलाफ 11 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित ने पिटाई कर धमकी देने का आरोप लगाया था। उसी दिन रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद भी अनशन पर जाकर बैठ गया। जबकि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया है।