मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज ।संवाद
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एटा। ठंड बढ़ने के बाद भी मच्छर कम नहीं हो रहे हैं। आमतौर पर 19 डिग्री न्यूनतम तापमान में इनमें कमी आ जाती है, लेकिन इस बार 12 डिग्री न्यूनतम तापमान पहुंचने पर भी मच्छर लोगों को मलेरिया-डेंगू का डंक चुभो रहे हैं। शहर से लेकर देहात तक स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय और पंचायती राज विभाग के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 35 डेंगू के केस इस सीजन में बुधवार तक मिल चुके हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस पहुंचने पर यह मच्छरों के लिए अनुकूल नहीं रहता और उनकी संख्या में कमी आने लगती है, लेकिन इस बार तापमान कम होने के बावजूद मच्छरों में कमी नहीं आ रही है। अधिकारियों की मानें तो देरी से बारिश होने के कारण शहर व देहात के इलाकों के खाली स्थानों में पानी भरा हुआ है। इसके कारण मच्छर पैदा हो रहे है। यही वजह है कि फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव के बाद भी मरीजों की संख्या 35 पर पहुंच गई है।
सही खानपान से डेंगू को दी जा सकती मात
जनपद में लगातार मिल रहे डेंगू के मरीजों के कारण लोग सहमे हुए हैं, लेकिन सही समय पर जांच व इलाज और सही खानपान से डेंगू को हराया जा सकता है। इलाज में लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में समय से अस्पताल पहुंचकर उपचार कराने की जरुरत है। तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। -डॉ. कृष्णकांत, फिजीशियन