एटा/सकीट। शुक्रवार की रात को तेज हवा और बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। खेत में लहलहाती हुई गेंहू की फसल तेज हवा के चलते गिरकर चादर की तरह बिछ गई है। जिससे किसान परेशान हैं।
जिले में 1 लाख 34 हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं और 19 हजार 353 हेक्टेयर में सरसों की फसल की गई है। अगैती के साथ पिछैती फसल भी लगभग पक चुकी है। पिछले कई दिनों से पछुआ हवा चल रही थी। लगभग दस दिन के अंदर गेहूं की कटाई शुरू करने की किसानों की तैयारी थी। खेतों में लहलहा रही फसल को देख किसान भी खुश थे।
लेकिन दो दिन पहले मौसम के करवट लेने से किसान परेशान थे। आसमान पर छाए बादल शुक्रवार रात को गरज के साथ बरसने लगे। तेज हवाएं भी चलने लगीं। इससे किसानों के खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल गिरकर बिछ गई। कई किसानों के खेतों में खड़ी सरसों की पकी फसल भी गिर गई है। किसानों का कहना है कि बारिश के साथ तेज हवा चलने से गेहूं, जौ, सरसों की फसलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। अगर गिरी हुई फसल खड़ी नहीं हुई तो पैदावार कम होने की आशंका है।
कई जगह गिरे होर्डिंग व पेड़: शुक्रवार की रात बारिश के साथ चली तेज हवाओं से कई जगह लगे होर्डिंग टूटकर सड़क पर गिर गए। शहर के कचहरी परिसर और अलीगंज तिराहा पर लगे बड़े होर्डिंग्स सड़क पर पड़े रहे। वहीं जगह-जगह छोटे छोटे पेड़ के तने भी टूटकर गिर गए। सुबह के वक्त लोगों ने उठकर देखा तो कई मोहल्लों में जलभराव मिला। ठंडी हवा चलने से लोगों को सर्दी का अहसास हुआ।
बोले लोग...
रात को हुई बारिश व तेज हवा चलने की वजह गेहूं की फसल खेत में पूरी तरह से बिछ गई है। जिससे काफी नुकसान होने की आशंका है। - आशाराम सिंह, शीतलपुर
बेमौसम बारिश व तेज हवा चलने की वजह से खेत में कटी पड़ी सरसों की फसल पूरी तरह से भीग गई है। अब इसे सूखने में करीब 15 दिन लग जाएंगे। - नेकराम, वाहनपुर
तेज हवा चलने की वजह से 10 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से गिर चुकी है। इससे उत्पादन कम मिलेगा और नुकसान उठाना पड़ेगा। - राकेश कुमार, सकीट
खेत में गेहूं की फसल लहलहा रही थी। लेकिन अचानक से बेमौसम बारिश व हवा चलने की वजह से फसल खराब हो गई है। - राजेश कुमार शाक्य, सकीट
देर रात चली तेज हवा व बारिश से किसानों की फसल पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। अगर किसानों द्वारा खेत में पानी भर दिया गया है तो वहां की फसल गिरने की संभावना है। हालांकि अभी कहीं से कोई नुकसान होने की सूचना नहीं मिली है। - डॉ. मनवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी