गावं नदरई में अपराह्न के समय देशी आतिशबाजी तैयार कर रहे युवक की गोदाम में आग और विस्फोट से मौत हो गई। दमकल की गाड़ी और ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। एएसपी और सीओ घटना की सूचना पर मौके पर पहुंच गए।
हादसे का शिकार युवक नितिन(18) पुत्र पप्पू निवासी नदरई हुआ। बताया गया कि परिवार पर आतिशबाजी के निर्माण का लाइसेंस है। सहालगों में आतिशबाजी की मांग को देखते हुए परिवार के लोग आतिशबाजी तैयार कर रहे थे। युवक खेत में बने कमरे को बंद करके आतिशबाजी बना रहा था। वहीं उसकी मां वीरवती भी खेत में बैठकर आतिशबाजी के कार्य कर रही थी। अपराह्न ढाई बजे अचानक कमरे के बाहर पड़े छप्पर में हवा के चलते चिंगारी लगने से आग लग गई और आतिशबाजी के गोदाम को चपेट में ले लिया। आग की लपटें जैसे ही बारूद तक पहुंची वैसे ही बारूद में विस्फोट हो गया। गोदाम में रखा आतिशबाजी का पूरा सामान जल गया और लगातार आवाजें गूंजती रहीं। बाहर काम कर रही मां वीरवती ने जब यह मंजर देखा तो वह चीखने चिल्लाने लगी। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड और पुलिस को फोन किया। ग्रामीणों ने गोदाम की दीवार और दरवाजा तोड़ा, तब तक नितिन की जलकर मौत हो चुकी थी। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। अपर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र प्रताप व सीओ शैलेंद्र लाल ने कोतवाली पुलिस के साथ मौके का निरीक्षण किया।
विस्फोट में दब गई नितिन की चीख
कासगंज। नितिन को जब आग लगने की जानकारी हुई तो वो चीखने चिल्लाने लगा, तब तक कमरे की ओर रखी आतिशबाजी में विस्फोट होने लगा था और वह दरवाजा खोलकर भाग नहीं पाया। यदि गोदाम का दरवाजा खुला होता तो नितिन बाहर निकल पाता। ऐसी स्थिति में उसकी चीख विस्फोट में दब कर रह गई। मां वीरवती ने बताया कि उसने नितिन की चीख सुनी वह बार बार बचालो बचालो की आवाज लगा रहा था, लेकिन मां दरवाजा अंदर से बंद होने पर बेबस थी।
पिता ने लगाया जुआरियों पर आरोप
नितिन के पिता पप्पू ने खेत में जुआ खेलने के लिए आने वाले जुआरियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह बार बार जुआरियों से खेत में जुआ खेलने की मना करता था। जुआरी जुआ खेलते समय बीड़ी भी पीते थे। उन्होंने कहा इसी रोका टोकी के चलते जुआरी उससे रंजिश मानते थे। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने ही आग की चिंगारी छप्पर पर डाली है। उसके आरोप की कोतवाली पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
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