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सस्पेंड बंदीरक्षक ने पेट्रोल छिड़क कर की आत्मदाह की कोशिश

Sat, 08 Aug 2015 10:50 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
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शुक्रवार रात सस्पेंड बंदीरक्षक ब्रजेश शर्मा ने जिला कारागार के बाहर खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। समझाने आए जेलर, दो बंदीरक्षकों पर भी पेट्रोल छिड़क आग लगाने की धमकी देने लगा।  इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। बाद में मौके पर पहुंचे अन्य बंदीरक्षकों ने किसी तरह से उसे काबू में किया।
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मथुरा के थाना और कसबा राया के रहने वाले बंदीरक्षक ब्रजेश शर्मा की तैनाती एटा से पूर्व अलीगढ़ में थी। अलीगढ़ में सरकारी क्वार्टर भी मिला हुआ था। जिसके बाद बंदीरक्षक का स्थानांतरण एटा कारागार हो गया। स्थानांतरण होने के बाद भी बंदीरक्षक करीब डेढ़ साल तक सरकारी क्वार्टर खाली नहीं किया। इसके बाद अलीगढ़ जेल प्रशासन द्वारा कई बार नोटिस भेजा गया, साथ ही जेल अधीक्षक को मामला अवगत कराकर क्वार्टर खाली कराने की बात बंदीरक्षक से कही, उसके बाद भी बंदीरक्षक ने क्वार्टर खाली नहीं किया। जेल के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने पर शुक्रवार को  केंद्रीय कारागार आगरा के वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएन रिजवी ने बंदीरक्षक को सस्पेंड कर दिया। सस्पेंड होने के बाद रात करीब नौ बजे वह एक डिब्बे में पेट्रोल लेकर जेल के बाहर खड़ा हो गया और खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, जिसे समझाने आए जेलर पीके सिंह अन्य बंदीरक्षकों पर भी पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की, मगर अन्य बंदीरक्षकों ने किसी तरह से माचिस छीन ली और कोतवाली नगर पुलिस को सूचना दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस बंदीरक्षक को थाने ले आई। मामले में जेल अधीक्षक अनूप सिंह का कहना है कि बंदीरक्षक पर कार्रवाई वरिष्ठ जेल अधीक्षक केंद्रीय कारागार ने की है। इसके बाद बंदीरक्षक ने खुद पर पेट्रोल छिड़क ली, समझाने आए जेलर, अन्य बंदीरक्षकों पर भी पेट्रोल डाल दिया। बता दें कि बंदी रक्षक का ड्रामा कई घंटे तक चलता रहा। बाद में पुलिस द्वारा उसे ले जाने पर मामला शांत हुआ।

कोर्ट के आदेश पर हुआ डॉक्टरी मुआयना
एटा। जिला कारागार में तैनात बंदी का डॉक्टरी मुआयना कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को हुआ।
बताते हैं कि बंदी संजीव गुप्ता निवासी नेहरूनगर सिढ़पुरा कासगंज पर लूट, जानलेवा हमला करने की रिपोर्ट थाना सिढ़पुरा में दर्ज है। इसी मामले में वह जेल में निरुद्ध है। शुक्रवार को कासगंज कोर्ट में पेशी को गया था। बंदी पक्ष के अधिवक्ता ने बंदी के साथ हुई मारपीट की दलील कोर्ट में दीं। जिसके बाद कासगंज के सिविल जज सीनियर डिवीजन/एसीजेएम विनीत चौधरी ने डॉक्टरी परीक्षण के आदेश दिए थे। शनिवार को बंदी का जिला अस्पताल में मेडीकल कराया गया। बंदी ने जेल अधीक्षक पर मारपीट का आरोप लगाया है। जेलर पीके सिंह का कहना है कि बंदी के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। 
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