खादर की जमीन पर अवैध कब्जों को लेकर चर्चित हुए सुन्नगढ़ी इलाके में खादर की खूनी जंग में शामिल सात आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लेकर सात हथियार बरामद किए हैं। हथियारों में देशी राइफल, बंदूक, पौनियां, तमंचे आदि हैं। पुलिस ने हथियारों की बरामदगी और पूछताछ के बाद चिकित्सीय परीक्षण करा कर वापिस जेल भेज दिया है।
गौरतलब है कि 17 दिसबंर को गंगा की खादर की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में जबरदस्त संघर्ष हुआ। जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। किसौल के दिवाकर पक्ष से दो लोग मारे गए। जबकि किलौनी के राठौर पक्ष से तीन लोगों की मौत हो गई। इस मामले में 15 आरोपी अभी तक जेल जा चुके हैं। इन 15 आरोपियों में से सात पुलिस को गुरुवार को रिमांड पर मिले। रिमांड पर लेकर पुलिस इन्हें कढ़ी सुरक्षा व्यवस्था में घटना स्थल पर ले गई। जहां से पुलिस ने हथियार बरामद किए। हिस्ट्रीशीटर मुकुल से पुलिस ने 315 बोर की देशी राइफल, आरोपी मनवीर से पौनियां, मनोज, आरिफ और नेत्र पाल से तमंचा, इकबाल और खुशीराम से 12 बोर की बंदूक बरामद की। इसके अलावा सभी आरोपियों से कारतूस भी बरामद किए। बरामद कारतूस और हथियार पुलिस ने सील कर दिए। पुलिस उपाध्यक्ष शबीह हैदर ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ भी की है। उनके बयान दर्ज किए गए हैं। अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस फिर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर करेगी।
एक आरोपी नहीं मिला रिमांड पर
सुन्नगढ़ी पुलिस के आठ आरोपियों की रिमांड न्यायालय ने मंजूर की गई थी लेकिन सात आरोपी ही पुलिस को रिमांड पर मिल सके। एक आरोपी सुरेश को चिकित्सक ने अस्वस्थ घोषित कर दिया जिसके चलते वह पुलिस रिमांड पर नहीं गया। सभी आरोपियों का चिकित्सकों ने रिमांड पर जाने से पहले चिकित्सकीय परीक्षण किया गया, वहीं जेल वापिस भेजने से पहले भी चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
कढ़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई
कासगंज। आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर गई थी। हत्यारोपियों के पहुंचने पर पुलिस को अंदेशा था कि कहीं कोई अप्रिय घटना न घट जाए। जिसके चलते सुरक्षा के कढ़े प्रबंध किए गए। सिविल पुलिस के अलावा पीएसी भी मौजूद रही। आरोपियों के पुलिस रिमांड पर पहुंचने से ग्रामीणों में भी कौतूहल था।