सुन्ना नहर में डूबे सुखवीर का शव शनिवार दोपहर मिल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। तीसरे दिन भी सुन्ना नहर में डूबे सागर का सुराग नहीं लग सका है।
बता दें कि कोतवाली देहात के गांव छितौनी में शुक्रवार को सभी ग्रामीणों ने मिल कर भागवत कथा का शुभारंभ कराया था। कलश भरने ट्रैक्टर से लोग थाना पिलुआ के गांव सुन्ना स्थित नहर पर आए थे। नहर में नहाने के दौरान खेमचरन उर्फ सुखवीर (18) निवासी छितौनी कोतवाली देहात नहर के तेज बहाव में बह गया। शोर की आवाज सुनकर स्थानीय गोताखोरों ने नहर में छलांग लगा दी और सुखवीर की तलाश की, मगर युवक का पता नहीं लगा। शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे सुखवीर का शव नहर से कुछ दूरी पर बरामद हो गया। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। गत दो जुलाई को सुन्ना नहर में डूबे किशोर सागर पुत्र चरन सिंह निवासी भूतेश्वर कालोनी कासगंज का कोई पता नहीं लग सका है। थानाध्यक्ष पिलुआ ने बताया कि सुखवीर का शव नहर से बरामद हो गया है, जबकि सागर का अभी तक पता नहीं लग सका है।