नगर में गुरुवार को सहावर गेट भीमनगर के शराब के ठेके पर आक्रोशित महिलाओं ने हंगामा काटा। दुकान में तोड़फोड़ की गई। इसके अलावा दुकान पर लगे शाइन बोर्ड भी महिलाओं ने तोड़ दिए। शराब की दुकानबंदी की मांग कर रहीं महिलाएं लाठी डंडा लेकर शराब के ठेके पर डटी रहीं। पुलिस ने बमुश्किल महिलाओं को शांत किया।
मोहल्ला भीमनगर में काफी समय से सहावर गेट पर शराब का ठेका संचालित है। सुबह 10 बजे के बाद दुकान खुलते ही वहां आस-पास की बस्तियों की महिलाएं शराब के ठेके पर एकत्रित हो गए। शराब के ठेके को बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। वहां रखीं शराब की बोतलें कार्टन सड़क पर फेंक दिए। युवकों ने छत पर चढ़कर दुकान के शाइन बोर्ड भी तोड़कर सड़क पर डाल दिए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस पहुंची और महिलाओं को समझाया। सीओ शैलेंद्र लाल ने आक्रोशित महिलाओं को कार्रवाई का भरोसा दिया। लेकिन महिलाएं अपनी जिद पर अड़ी थीं। आक्रोशित महिलाओं ने कहा जब तक दुकान नहीं हटेगी, तब तक वह शांत नहीं बैठेंगी। पुलिस की मौजूदगी के बीच कर्मियों ने बोतलें व अन्य सामान को बटोर कर दुकान में रखा और फिर दुकान का शटर बंद कर चले गए। अपर पुलिस अधीक्षक हरेंद्र यादव भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि मामले में शराब ठेकेदार ने सांय तक कोई तहरीर नहीं दी थी। तोड़फोड़ की जानकारी मिलते ही अन्य जगहों के दुकानदार खुद ही शटर गिराकर चले गए। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात कर दिए।
शराब ठेकेदारों ने कमिश्नर से लाइसेंस शुल्क लौटाने की मांग की
मंडलायुक्त अलीगढ़ सुभाष शर्मा से मिलकर जिले के शराब ठेकेदारों ने सूची सौंप लाइसेंस शुल्क वापस कराने की मांग की है। ठेकेदारों ने ऐसे माहौल में शराब की दुकानों का संचालन बंद करने को कहा है। मंडलायुक्त ने पुलिस और प्रशानिक शराब की दुकानों पर तोड़ फोड़ करने वाले लोगों को चिह्नित किया जाए। सुप्रीप कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार शराब की दुकानों को हाईवे और धार्मिक स्थलों के आस-पास से हटाया गया है। अन्य दुकानों को यदि किसी की शिकायत है तो वह अपनी शिकायत डीएम-एसडीएम को सौंप सकते हैं।