सोमवार शाम डस्टर कार व सवा दो करोड़ रुपये के साथ पकड़े गए तीनाें लोगों से मंगलवार को भी पूछताछ होती रही। पूछताछ में इन्होंने सिर्फ इतना बताया कि उन्हें कानपुर में रामादेवी इलाके में डिलीवरी मिली और उन्हें पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन की पार्किंग में किसी को डस्टर कार देनी थी, इसके बाद वह रकम निकालने के बाद कार उन्हें वापस कर देता। उन्होंने यह भी बताया कि वह इससे पहले भी करीब आठ-दस बार इसी तरह से रकम लेकर दिल्ली जा चुके हैं।
मंगलवार को दिन भर कोतवाली देहात में पुलिस और आयकर विभाग के अधिकारी रकम के साथ पकड़े गए गुजरात के मसाना निवासी अनिल कुमार बाऊ, जिला पाटन निवासी राकेश पंडित और मिर्जा मुराद वाराणसी निवासी गोधनलाल शामिल पूछताछ करते रहे। पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए लोग कैरियर हैं और करोड़ों की रकम ले जाने की एवज में प्रति व्यक्ति दो से तीन हजार रुपये रुपये मिलते थे। प्रारंभिक जांच में यह पूरा मामला हवाला का नजर आ रहा है। यह रकम कानपुर के रामा देवी इलाके में किसी हितेश नाम व्यक्ति ने दी थी। उसका पता और वह क्या करता है, इन सवालों का जवाब पुलिस और आयकर विभाग के अधिकारियों को नहीं मिला है। पुलिस सूत्रों की माने तो कार्रवाई के बाद अधिकारियों के पास मामले को रफा-दफा के लिए कुछ फोन भी आए। पुलिस अधिकारियों ने मामला आयकर विभाग के पाले में चले जाने की बात कहकर अपनी पीछा छुड़ाया।
वर्जन
सवा दो करोड़ रुपये के साथ पकड़े गए तीनों लोगों से लगातार पूछताछ जारी है, लेकिन वे इतनी बड़ी रकम का सोर्स नहीं बता पा रहे हैं। यदि सोर्स बताते हैं तो रकम का 40 प्रतिशत काट कर बाकी पैसा वापस कर दिया जाएगा। अन्यथा पूरी रकम जब्त कर तीनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा सकती है।
अजय कुमार
डिप्टी डायरेक्टर आयकर