सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 24 मई की शाम नवजात और वनार गांव निवासी प्रसूता नंदनी की मौत के बाद उसके पति देव सिंह ने डॉक्टर और नर्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में अनुभवहीन नर्स ने प्रसव कराया। बच्चे की खींचतान करने से उसकी मौत हो गई। महिला अस्पताल ले जाते समय प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया। गुस्साए परिवारीजनों ने सीएचसी पर जमकर हंगामा किया।
गांव वनार निवासी देव सिंह की पत्नी नंदनी को आशा कार्यकर्ता माधुरी 24 मई की शाम प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाई थीं। बताया गया कि यहां तैनात महिला चिकित्सक पूनम मिश्रा दो माह से बिना बताए ड्यूटी से गायब हैं। इसके चलते स्टाफ नर्स ने नंदनी का प्रसव कराया।
नंदनी के पति देव सिंह ने बताया कि प्रसव के दौरान अनुभव कम होने के कारण नर्स ने अधिक खींचतान कर दी। इसके चलते पहले नवजात की मौत हो गई। नंदनी की हालत बिगड़ते देख केंद्र प्रभारी रवि रंजन यादव ने उन्हें जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल जाते वक्त प्रसूता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक महिला और नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
केंद्र पर तैनात महिला चिकित्सक पूनम मिश्रा दो माह से बिना बताए ड्यूटी से लापता हैं। स्टाफ नर्स ने प्रसव कराया तो मृत बच्चा जन्मा था। परिवार ने जैसे ही प्रसूता को मृत बच्चे की जानकारी दी उसका ब्लड प्रेशर डाउन हो गया और हालत बिगड़ गई। महिला अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। - डा. रवि रंजन यादव, प्रभारी सीएचसी जैथरा
गर्भवती को अस्पताल लाने से पहले घर में प्रसव की कोशिश हुई। हालत बिगड़ने पर उसे सीएचसी लाया गया, जहां प्रसव के बाद मृत बच्चा पैदा हुआ। यूपी में एक लाख में से 250 मामले अभी तक ऐसे आ रहे हैं। पीएम रिपोर्ट में मौत का कोई स्पष्ट कारण नहीं है। बिसरा सुरक्षित रखा गया है।
-डा. आरसी पांडेय, सीएमओ एटा