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बालक की भारी वस्तु से सिर कूंचकर हत्या

Thu, 28 Apr 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
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बालक की भारी वस्तु से सिर कूंचकर हत्या - फोटो : अमर उजाला
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बुधवार सुबह संजय नगर कालोनी से पशु चराने निकले दो सगे भाइयों में से एक सत्यवीर (12) की किसी वजनदार भारी वस्तु से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई, दूसरे की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उसे भी हत्यारे मरा समझकर ही छोड़कर गए थे। गुरुवार सुबह शव और घायल बालक पीएसी की फायरिंग रेंज में बनी एक कोठरी मिले। गंभीर रूप से घायल मृतक के छोटे भाई सत्यदेव (8) को उपचार के लिए आगरा रेफर कर दिया गया है। एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पशु चोरी से जुड़ा निकल रहा है। जिन पशुओं को बालक चरा रहे थे, उनकी कीमत लगभग चार-पांच लाख थी। घटना के बाद चोर पशु क्यों नहीं ले जा पाए, इसका खुलासा  जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हो सकेगा।
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 सत्यवीर संजय नगर कालोनी निवासी ओमप्रकाश का पुत्र था। वह बुधवार सुबह अपने छोटे भाई सत्यदेव (8) के साथ भैस चराने जंगल की ओर गया था। शाम तक ये घर नहीं पहुंचे तो परिवारीजनों को चिंता हुई और वे इनकी तलाश में निकल पड़े। इनके पांचों पशु शहर से तीन किलोमीटर दूर गांव नगला माली के जंगल में मिल गए,  लेकिन दोनों बालकों का कुछ पता नहीं चला। गुरुवार सुबह परिवारीजन दोबारा रिश्तेदारों के साथ इन्हें खोजने निकले। निधौली कलां रोड पर गांव जवाहरपुर के पास स्थित पीएसी फायरिंग रेंज की कोठरी में सत्यवीर का लहूलुहान शव मिला। उसका सिर किसी भारी वस्तु से कुचला गया था, उसका छोटा भाई सत्यदेव भी शव के पास लहूलुुहान अवस्था में बेहोश मिला। इनके पिता ओमप्रकाश  ने बताया कि दोनों भाई कभी पीएसी रेंज के पास पशु चराने नहीं ले जाते थे। उन्होंने आशंका जताई कि इन दोनों पर वहां ले जाकर हमला किया गया और दोनों को मरा समझकर  आरोपी भाग गए। सत्यदेव जिंदा बच गया। पिता की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात में मामला दर्ज कर लिया है।

होश में नहीं आया सत्यदेव
घटना के खुलासे के लिए पुलिस और परिवारीजनों को सत्यदेव के होश में आने का इंतजार है। उसका आगरा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ताऊ गेंदालाल फौजी ने फोन पर बताया कि सत्यदेव को अभी होश में नहीं आया है और वो बोल पाने की स्थिति में नहीं है। सत्यदेव के होश में आने पर वारदात और हत्यारों के बारे में पता चलेगा।
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सीमा विवाद में उलझी पुलिस
वहद गांव जवाहरपुर स्थित पीएसी फायरिंग रेंज की कोठरी कोतवाली देहात में आती है, पहले मौके पर पिलुआ पुलिस पहुंची थी। इसके चलते दोनों थाना पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से बचती रही। बाद में सुबह दस बजे पिता ओमप्रकाश ने पिलुआ थाने में दी। इसके बाद पिलुआ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
परिवारीजनों का रो-रोक कर बुरा हाल
संजय नगर निवासी ओमप्रकाश के तीन पुत्र कैलाश, सत्यवीर और सत्यदेव के अलावा दो बेटियां रिंकी और शिवानी हैं। गुरुवार सुबह सत्यवीर की हत्या और सत्यदेव घायल हालत में मिलने के बाद पूरे परिवार का रो-रोक कर बुरा है। मां कुसमा, भाई और बहने बार-बार रो-रो कर बेहोश हो रही थीं।  महिलाएं उन्हें ढांढस बांध रही थीं।

पशु चोरों पर हत्या का गहराया शक
ग्रामीणों को आशंका है कि किशोर सत्यवीर और उसके छोटे भाई सत्यदेव की हत्या की कोशिश पशु ले जाने के विरोध पर हुई है। ग्रामीणों को आशंका है कि पशुओं चोरी करने वाले पहले दोनों को फुसला कर फायरिंग रेंज की सुनसान कोठरी में ले गए और वहां दोनों की जान लेने की कोशिश की। सत्यवीर की मौत हो गई और सत्यदेव बच गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि पशुओं को ले जाना ही हत्यारोपियों का मकसद था तो वह उन्हें ले क्यों नहीं गए।
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