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पीड़ित परिवारों के आंसू पोछने को बढ़े सैकडों हाथ

Sun, 14 Jun 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
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मलावन के गांव पुरा में छोटे-छोटे बच्चों ने भागवत कथा शुरू कराई थी। बच्चों के उत्साह को देखते हुए बड़े लोगों ने साथ दिया था। बताते हैं कि बच्चों ने दूसरी बार गांव में कथा का आयोजन करवाया था। कथा के बाद लोगों में उमंग थी, मगर वह उमंग, उत्साह पलभर में ही मातम में बदल गया। गांव में बच्चों की हंसी-ठिठोली के बजाए रोने, चीखने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। अपनों को खोने के बाद रिश्तेदार भी पहुंच रहे थे। घटना के बाद मृतकों के परिवारीजन पूरी तरह से टूट चुके थे।
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टेंट लगाकर गांव में बांटा गया खाना
एटा। घटना के बाद गांव में चूल्हे नही जले। समाजसेवी संस्थाओं ने गांव में टेंट लगाकर लोगों को खाना वितरित किया। किसी संस्था ने चाय पिलाने का कैंप लगाया, तो किसी संस्था ने खाना के पैकेट बनवाकर घर-घर में बंटवाए।

ऐसो हादसों पहली बार देखो
एटा। गांव के हर बुजुर्ग की भी आंखें नम थीं। इस दौरान सिसकियां लेते हुए बुजुर्गों का कहना था कि ऐसो हादसो फिर न होए, अपनी जिंदगी में इतनी दर्दनाक घटना पहली बार देखी है। यह कहते दिखे कि तबाह कर दियो हंसते-खेलते गांवों को। जिंदगी में ऐसी घटना को वह कभी नहीं भुला पाएंगे।
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भयानक मंजर को नहीं भुला सकते
एटा। अस्पताल में भर्ती घायलों को जब इस बारे पूछा गया तो उनके आंखों में आंसू आ गए। कुछ भी कहने से बचते दिखे। घायल अपनों से मिलने को बेचैन दिखे। वहीं गांव में बच्चे अपनी मम्मी, बहन से मिलने की राह देख रहे थे। इस दौरान बच्चे काफी बदहवास दिखे और रिश्तेदारों से बहन, मम्मी के बारे में पूछते दिखाई दिए।  
 
स्वास्थ्य विभाग की भी दिखी लापरवाही
एटा। घटना के बाद चिकित्सा विभाग की काफी लापरवाही देखी गई। देर रात खत्म हुई खुशबू को स्वास्थ्य विभाग ने घटना के बाद बनी मृतकों की सूची में ही मार दिया था, जबकि उसकी देररात इलाज के दौरान मौत हुई। अन्य सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को मलावन सड़क हादसे में जोड़ दिया। देर रात हुई संशोधित सूची से घायलों के नाम हटवाए गए।

बिखर गया परिवार, लोग सकते में
एटा। घटना के बाद रमेंद्र ने जहां अपने तीन बच्चों, पत्नी को खो दिया, वहीं एक ओर बेटी भावना जिंदगी और मौत से जूझ रही है। रमेंद्र का रो-रोकर बुरा हाल है। पलभर में ही पूरे परिवार को खोने वाले रमेंद्र के आंसू नहीं रुक रहे हैं, वहीं गोपी ने अपनी दो बेटियों को खो दिया। पत्नी बेबी कोमा में चली गई है और एसएन मेडिकल कालेज आगरा में भर्ती है। दोनों का परिवार पूरी तरह से बिखर गया है तो वहीं नरेश ने अपनी दूसरी बेटी खुशबू को भी खो दिया।  

प्रियंका का बच्चा कहां है
एटा। साहब प्रियंका का बच्चा कहां है। बता दें कि मृतका प्रियंका पत्नी चरन सिंह छह माह की गर्भवती थी। लोगों का कहना था कि घटना में प्रियंका की मौत हो गई, मगर इस दौरान उसे बच्चा भी हुआ था, जिसे लोग एंबुलेंस में डालकर अस्पताल लाए थे। मगर उसका अभी तक पता नहीं चला। इसे लेकर गांव में भी काफी चर्चा रही। रविवार सुबह मृतका का देवर उदयपाल जिला अस्पताल पहुंचा और बच्चे के बारे में पूछताछ करता दिखा, मगर उसे सही जवाब नहीं मिला।


मंत्री, सांसदों ने बंधाया ढांढस
एटा। परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह सायं साढ़े छह बजे के लगभग गांव पुरा पहुंचे। उन्होंने मृतकों के परिवारीजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढ़स बंधाया। बाद में आर्थिक सहायता राशि के चेक वितरण किए। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचे, जहां भर्ती घायलों का हालचाल जाना। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव, सदर विधायक आशीष यादव आशू, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चोब सिंह बघेल, रामसेवक पहलवान, सुशील प्रधान, हरेंद्र राजपूत, महेश वर्मा, नगरपालिका अध्यक्ष राकेश गांधी के अलावा प्रभारी डीएम साहब सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विसर्जन सिंह यादव, एसडीएम सदर अजीत कुमार आदि मौजूद थे।


रविवार की सुबह भाजपा नेता और पूर्व सांसद एसपी सिंह बघेल भी गांव पहुंचे और पीड़ितों से बातचीत की। उधर शनिवार रात को ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया, फर्रूखाबाद के भाजपा सांसद मुकेश राजपूत भी गांव और जिला अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।
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