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थाने में अधेड़ की हालत बिगड़ी, मौत

Mon, 06 Feb 2017 12:31 AM IST
Amar Ujala
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अधेड़ की मौत - फोटो : अमर उजाला
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भतीजे से छज्जा निकालने को लेकर हुए विवाद की शिकायत करने थाने पहुंचे अधेड़ की हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस कस्टडी में मौत और जाम लगाने की खबर फैली तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस बल पहुंच गया। इधर मृतक के भाई ने पुलिस प्रताड़ना से मौत का आरोप लगाया है। वहंीं मृतक के बेटे, पत्नी, बेटी ने पहले हार्ट पैसेंट होने और हार्ट अटैक से मौत की बात कही है।   
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रविवार सुबह करीब दस बजे थाना जैथरा के गांव वाजिदपुर निवासी राजू घर का छज्जा बना रहा था। तभी चाचा चंद्रभान (52)ने पहुंच कर छज्जा निकालने का विरोध किया। मामले को लेकर चाचा-भतीजे धुमरी चौकी पहुंची तो दोनों को जैथरा थाने भेज दिया गया। बेटे शीलेंद्र ने बताया कि सुबह करीब ग्यारह बजे वह अपने पिता चंद्रभान और राजू के साथ थाने पहुंचे। अचानक थाने के अंदर पिता के सीने में दर्द के बाद पसीना आया तो वह पिता को लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में चिकित्सक ने चंद्रभान को मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन पीएम कराए बिना शव गांव ले गए। घटना के बाद ग्रामीण मृतक के घर पहुंचे तो मृतक के भाई सत्यवीर ने पुलिस प्रताड़ना के कारण कस्टडी में मौत का आरोप लगाया। इसी से आक्रोशित ग्रामीण शव धुमरी चौराहे पर रख जाम लगाने की तैयारी करने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुंचा तो भीड़ गायब हो गई। मृतक की पत्नी गुड्डी देवी, बेटा शीलेंद्र, बेटी काजल ने हार्ट का मरीज होने और हार्ट अटैक से मौत की बात कही है। देर शाम को पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

छह नवंबर को हुई थी मां की हत्या
वाजिदपुर गांव निवासी मृतक चंद्रभान की मां मायादेवी की विगत 6 नवंबर को पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई सत्यवीर का आरोप है कि पुलिस चंद्रभान के खिलाफ क्रॉस रिपोर्ट समझौते का दबाव बनाकर प्रताड़ित कर रही थी।
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चाचा-भतीजे विवाद लेकर थाने आए थे। दोनों पक्षों से समझौता करने को कहा गया था। इसी बीच चंद्रभान की थाने में तबियत बिगड़ी और परिवारीजन उसे लेकर अस्पताल चले गए। जिला अस्पताल जाते वक्त परिवार के सामने रास्ते में मौत हुई है। पुलिस पर लग रहे आरोप निराधार हैं।
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                                                           - सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी एटा
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