एटा। सीडीओ ने सरकारी धन का गबन करने पर एक प्रधान को बर्खास्त किया है। हीं दो प्रधानों को अंतिम जांच के बाद नोटिस थमाए हैं। जिले के अलीगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत कंचनपुर आसे नंबर दो में विगत वर्षों में 3.72 लाख रुपये का गबन किया था।
डीडीओ द्वारा की गई जांच में ग्राम प्रधान पिंकी देवी, पंचायत सचिव दीपक कुमार को निलंबित किया गया था। जांच के बाद डीडीओ ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी। डीएम ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद एडीओ पंचायत प्रदीप कुमार ने ग्राम प्रधान पिंकी देवी, पंचायत सचिव दीपक कुमार, आरईएस के जेई शिवप्रताप सिंह और पूर्व एडीओ पंचायत उदयवीर सिंह चौहान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
डीएम आईपी पांडेय ने मामले में अंतिम जांच कराई। जांच में सीसी निर्माण कार्य में खेल की पुष्टि होने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान को बर्खास्त कर दिया। साथ ही समिति गठित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर बर्खास्तगी बहाल कर दी गई। अब एक बार फिर से जांच के बाद प्रधान पिंकी देवी को बर्खास्त किया गया है।
रिश्तेदारों के खाते डाल दी विकास की निधि
जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बहगो में विकास को मिले 34 लाख रुपये प्रधान बबिता देवी ने रिश्तेदारों के खाते स्थानांतरित कर दिए। मामले की जांच उपायुक्त मनरेगा पीसी यादव ने की। मामले में प्रधान से जवाब मांगा गया। साथ ही ग्राम पंचायत खिरिया बनार में प्रधान उदयप्रताप उर्फ हरकेश ने 18 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। इसकी बीडीओ दीपक सिंह ने जांच की। पीडी अजय पांडेय ने दोनों मामलों की अंतिम जांच की। जिसमें दोनों प्रधानों से जवाब तलब किया गया है।
कंचनपुर आसे नंबर दो की प्रधान बर्खास्त की गई हैं। कोर्ट के आदेश के बाद जांच में गबन की पुष्टि हुई है। वहीं बहगो और खिरिया बनार के प्रधानों को नोटिस दिया है। इन ग्राम पंचायतों के सचिवों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
उग्रसेन पांडेय, सीडीओ एटा