मलावन गोशाला में गोकाष्ठ मशीन के देखते भाजपा जिलाध्यक्ष व सीडीओ। सूचना विभाग
एटा। मलावन गोशाला को मॉडल बनाते हुए यहां गोबर से विभिन्न प्रकार की वस्तुओं का निर्माण शुरू हो गया है। महिला स्वयं सहायता समूह की मदद से गोकाष्ठ, मूर्तियां और अन्य सजावटी व उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। यह पहल गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। शुक्रवार को गोशाला परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण किया। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस पहल से न केवल गोवंश संरक्षण होगा बल्कि गोबर उत्पादों की बिक्री से अतिरिक्त आय भी होगी। इस रोजगार से जुड़ी समूह सखियों व महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। यह सराहनीय पहल है, जिले की हर गोशाला में इसे लागू किया जाए ताकि, गोशालाओं का संवर्धन और महिलाओं की आर्थिक प्रगति के द्वार एक साथ खुल सकें। सीडीओ ने इसे गो-कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत संयोजन बताया। निर्देश दिए कि गो और गोबर आधारित उत्पाद अगरबत्ती, धूपबत्ती, मोमेंटो, गमला आदि के निर्माण के लिए 30 सखियों की सूची तैयार की जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास उत्पादों की बिक्री के लिए दुकान संचालित की जाए। इन गतिविधियों से समूहों की महिलाओं को मासिक 4000 से 5000 रुपये तक की अतिरिक्त आय होगी। इससे न केवल गोशाला आत्मनिर्भर होगी बल्कि, स्थानीय महिलाओं को स्थायी रोजगार का अवसर भी मिलेगा।सीवीओ डॉ. रामबृज राम ने मौजूदा समय में मलावन गोशाला में लगभग 400 गोवंश हैं। उनके लिए शेड में पर्दे लगाए गए हैं। चारे के साथ गुड़ व पराली उपलब्ध कराई जा रही है।