एटा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चिकित्सकों व कर्मियों का रवैया नहीं सुधर रहा है। शनिवार को बागवाला सीएचसी पर काउंटर तो खुल गए। लेकिन 9 बजे तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा था। पैथोलॉजी लैब के गेट पर ताला लगा था। एमओआईसी (प्रभारी चिकित्साधिकारी) भी कक्ष से नदारद थीं। यह हाल अमर उजाला टीम को शनिवार को वहां देखने को मिला।
शनिवार सुबह 8:40 पर बागवाला सीएचसी के दवा, पर्चा काउंटर खुले थे। अन्य चिकित्सकों के कमरे भी खुल गए थे। इसके अलावा इंजेक्शन रूम भी खुला था। लेकिन किसी भी कमरे में कोई कर्मचारी और चिकित्सक मौजूद नहीं था। एक कमरे में तीन कर्मचारी बैठे आपस में बातचीत कर रहे थे। जबकि सीएचसी के गेट पर एक दिव्यांग दवा लेने को आया था। सफाई कर्मचारी वहां सफाई कर रहे थे। पैथोलॉजी में ताला लगा था। इस पर किसी कर्मचारी ने कोई जवाब नहीं दिया। इस दौरान लैब टेक्नीशियन के न आने की चर्चा रही।
डेंगू वार्ड बनाने में निभाई औपचारिकता
बागवाला सीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 30 बेड का डेंगू अस्पताल बनाया गया है। यहां तीन वार्ड में 6- 6 बेड पड़े हुए थे। इन पर मच्छरदानी लगाई गई थी, लेकिन औपचारिकता ही की गई थी। एक वार्ड में बेड पड़े थे, लेकिन उन पर मच्छरदानी नहीं थी।
10 बजे तक नहीं खुला जन आरोग्य मंदिर
शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के तहत पवांस पर स्थित जनआरोग्य मंदिर सुबह 10 बजे तक नहीं खुला था। इसके पास दो व्यक्ति मिले। उन्होंने बताया दवा लेने आए हैं, लेकिन यह अब तक खुला नहीं है।
9 बजे तक सीएचसी काउंटर पर कर्मचारी नहीं थे, मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. उमेश त्रिपाठी,सीएमओ