एटा। जिला मुख्यालय पर स्थित रेलवे स्टेशन के पास काफी जमीन है। जिसकी पैमाइश भी हो चुकी है। करीब छह महीने पहले आए प्रयागराज मंडल के डीआरएम हिमांशु बड़ोनी ने कहा था कि यहां गुड्स शेड का निर्माण कराया जाएगा। जिससे जिले के विकास की गति को पंख लगेंगे। लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
डीआरएम ने उस समय बताया था कि रेलवे स्टेशन पर दोनों ओर नए लोडिंग-अनलोडिंग प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। जिससे मालगाड़ी से माल उतारने या चढ़ाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से गुड्स शेड का निर्माण भी किया जाना था। इसके निर्माण से गाड़ियां मुख्य लाइन से हटकर यार्ड में खड़ी हो जाया करेंगी। रेल यातायात में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। लगभग 0.5 से 1 किलोमीटर के दायरे में गुड्स शेड का निर्माण होना है।
वहीं गुड्स शेड का निर्माण होने के बाद यहां पर मजदूरों के लिए काफी सहूलियत हो जाएगी। इस समय मालगाड़ी से माल उतारते समय प्यास लगने पर स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आना पड़ता है। वर्षा हो या कड़ाके की सर्दी या गर्मी की चिलचिलाती धूप मजदूरों को हर मौसम से लड़ते हुए काम करना पड़ता है। मगर जब गुड्स शेड बनने के बाद पेयजल के लिए भी दूर नहीं जाना पड़ेगा और मौसम का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
रेलवे स्टेशन के पीछे किसी समय एक बेहतरीन हरा भरा पार्क हुआ करता था। जो अब पूरी तरह से बदहाल हो चुका है। जिसकी वजह से यहां टहलने की बात तो छोड़िए कोई एक मिनट बैठ भी नहीं सकता। हर ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। अब यह पार्क अराजक तत्व और नशाखोरी का अड्डा बन चुका है। लोग अक्सर यहां बैठकर नशा करते दिखाई देते हैं।