एटा। सावन के अंतिम सोमवार पर श्रद्धा और वर्षा का संगम नजर आया। रिमझिम बरसात के बीच श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर जलाभिषेक किया। इस बीच सड़कों से लेकर मंदिरों तक बम-बम के जयघोष गुंजायमान होते रहे। शहर के प्रसिद्ध प्राचीन कैलाश मंदिर पर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला तड़के से शुरू हो गया। हल्की बारिश होने के बाद भी भक्तों की आस्था में कमी नहीं थी। बारिश में भीगते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। यहां भीड़ अधिक होने पर उन्हें कतार में लगाया गया। वहां भी भीगते हुए काफी देर तक खड़ा होना पड़ा। इसके बाद भी श्रद्धालुओं के चेहराें पर कोई सिकन नहीं थी। सभी की जुबान से महादेव के जयघोष निकल रहे थे। बम-बम भोले और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए भक्त मंदिर की सीढ़ियों पर चढ़ रहे थे। 108 फीट ऊंचे प्राचीन कैलाश मंदिर में अपनी बारी आने पर भक्तों ने अंदर जाकर चतुर्मुखी महादेव के दर्शन किए और जलाभिषेक किया। दोपहर 3 बजे तक जलाभिषेक का क्रम अनवरत चलता रहा। इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई की गई। शाम को 7 बजे मंदिर में भव्य शृंगार आरती की गई। इस दौरान सैंकड़ों भक्त मौजूद रहे।