एटा। पुलिस लाइन में रिक्रूट आरक्षियों के लिए आरटीसी विद्यालय का निर्माण कराया गया था। जो वर्तमान में पूरी तरह से खंडहर होने के कगार पर पहुंच गया है। कबाड़ का सामान भरकर अन्य कार्याें में इसका उपयोग किया जा रहा है। जबकि विद्यालय पूरी तरह से सुसज्जित था। इसका शिलान्यास तत्कालीन एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने वर्ष 2010 में किया था।
विद्यालय के उत्तर और दक्षिण दिशाओं में प्रशिक्षणार्थियों के बैठने के लिए व्यवस्थाएं हैं और बीच में बरामदा है। लेकिन वर्तमान में दक्षिण दिशा का हॉल पूरी तरह से कबाड़घर बना दिया गया है। यहां पर तमाम तरह की कुर्सियां, मेज, अलमारी आदि टूटा सामान भरा पड़ा है। दरवाजा भी पूरी तरह से टूट चुका है, इसमें गोवंश अंदर तक आते-जाते हैं और गोबर पड़ा रहता है। सफाई के नाम पर देखा जाए तो वर्षाें से नहीं हुई है। कहीं से भी आरटीसी विद्यालय नजर नहीं आ रहा है। बाहर लिखा होने से पता चलता है कि कभी आरटीसी विद्यालय में रौनक रही होगी।
निजी कारों का बना दिया गैराज
विद्यालय के बरामदा को निजी कार का गैराज बना लिया गया है। जहां तमाम लोगों के निजी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार के लाखों रुपये खर्च करके तैयार कराया गया। लेकिन जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
9 अप्रैल 2010 को किया गया था शिलान्यास
पुलिस लाइन स्थित आरटीसी विद्यालय का शिलान्यास 9 अप्रैल 2010 को तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा आरके चतुर्वेदी ने किया था। जबकि एएसपी हीरालाल और क्षेत्राधिकारी लाइन व सदर बलरामाचारी दुबे की मौजूदगी में संचालन किया गया। जो वर्तमान में कबाड़घर बनकर रह गया है।
पुलिस लाइन में बने आरटीसी विद्यालय को बेहतर करने के निर्देश दिए जाएंगे। शासन से मरम्मत कार्य कराने के लिए भी धनराशि प्राप्त हो गई है। इस धनराशि से मरम्मत कार्य कराकर इसे दुरुस्त कराया जाएगा। - राजेश कुमार सिंह, एसएसपी