एटा। जिले में सर्दी बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। पिछले एक सप्ताह से सरकारी व निजी अस्पतालों में सर्दी से बीमार होने वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। सर्दी की वजह से निमोनिया, कोल्ड डायरिया के अलावा जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन दिनों मौसम सर्द बना हुआ है। रात में कोहरा, दिन में सर्द हवा चल रही है। सुबह दस बजे के बाद धूप खिलती है। दोपहर तीन बजे के बाद धूप बेअसर होने लगती है और मौसम ठंडा होता चला जाता है। सर्दी से वैसे तो सभी उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं, लेकिन आठ साल तक के बच्चों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है। एक सप्ताह में सरकारी व निजी अस्पतालों में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ गई हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बाल रोग विभाग में बुधवार को करीब 210 मरीज आए। इनमें लगभग 90 मरीज आठ साल तक के शामिल रहे, जिन्हें ठंड लगने के कारण निमोनिया, कोल्ड डायरिया, जुकाम व खांसी से पीड़ित रहे।
इस समय मौसम ठंडा होने के कारण निमोनिया, दस्त, जुकाम व खांसी से पीड़ित बच्चे ज्यादा आ रहे हैं। बच्चों को बीमार होने से बचाने के लिए सर्दी से बचाव के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। छोटे बच्चों के लिए सर्दी के मौसम में परेशानियां ज्यादा होती हैं, उनका विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता होती है। -डॉ. पारस, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज
यह बरते सावधानी
- ठंडी चीजों के खानपान से परहेज करें।
- पानी में बार-बार भीगने से बचें।
- गीले कपड़े न पहने।
- ऊनी गर्म कपड़े पहने।
- ठंडी हवा में बाहर न निकले।
- घर से बाहर निकलने पर शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहने।
- चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।