एटा। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निपुण बनाने में शिक्षकों का अहम भूमिका रहती है। पर्याप्त शिक्षक होने के बाद भी पहली कक्षा से तीसरी तक के बच्चों को ठीक से ज्ञान हासिल नहीं हो सका। इसकी वजह साल 2025 के निपुण आकलन में पिछले साल के मुताबिक जनपद में शिक्षा का स्तर गिरा है। नतीजा प्रदेश में जिले को 11वां स्थान प्राप्त हुआ है।दरअसल, हर साल कक्षा एक से तीन तक बच्चों को भाषा एवं गणित में निपुण बनाने के लिए निपुण भारत अभियान कार्यक्रम चलाया जाता है। बच्चों पर इसके असर के आकलन के लिए विभाग की ओर से निपुण लक्ष्य एप से बच्चों का ज्ञान परखा जाता है। इसकी मदद से विद्यालयों में जनवरी माह में बच्चों का निपुण आकलन किया गया। निपुण आकलन में कुल 1691 विद्यालय में से 1276 विद्यालयों ने प्रतिभाग किया जिसमें 544 विद्यालय ही निपुण हो सके जो 42 प्रतिशत है। इससे प्रदेश के 75 जनपदों में एटा जनपद को 11वां स्थान मिला है। मंडल की बात करें तो अलीगढ़ प्रथम, कासगंज द्वितीय, एटा 11वें और हाथरस 15वें स्थान पर रहा है।