एटा। अवागढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला डरू में 2008 में हुई मारपीट की घटना के आरोपी अदालत में दोषी साबित हुए। अदालत ने सजा के लिए जेल भेजने के बजाए शांति बनाए रखने के लिए निजी बंध पत्र व दो जमानतों पर उन्हें रिहा कर दिया।
गांव निवासी ध्यानपाल, राकेश, हरेंद्र व अमर सिंह के खिलाफ प्रेमपाल ने अवागढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें उसने बताया कि 5 जुलाई 2008 को रात 9 बजे वह अपनी पत्नी के साथ अपने चाचा के घर मौजूद था। तभी जमीन की पैमाइश के मामले में आरोपी चाचा के घर में घुस आए और लात-घूसों से पिटाई की। जिससे उसकी गर्भवती पत्नी को भी चोटें आई। पुलिस ने आरोप साबित होने पर आरोपपत्र अदालत भेजा। अदालत में चली सुनवाई में सबूतों के परीक्षण के बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन जलेसर आशुतोश खरवार ने आरोपियों के आरोपों को साबित पाया। सजा पर सुनवाई के दौरान दोषियों की ओर से परिवीक्षा का लाभ देने की गुहार की। जिस पर अदालत न आरोपियों को छह माह तक शांति बनाए रखने के लिए निजी बंधपत्र और दो जमानतों पर रिहा करने का आदेश दिया।