एटा। नगर पालिका परिषद में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। लेकिन अब फरमान जारी किया गया है कि ऐसे लोगों के प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाएंगे जिनका गृहकर व जलकर जमा नहीं है। इस दायरे में शहर के पांच हजार परिवार आ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद साल 2020 से अपने पोर्टल के जरिए जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनाती है। शहर की सीमा में आने वाले लोगों को इन प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए नगर पालिका में ही संपर्क करना होता है। प्रमाण पत्र बनाकर पालिका इन लोगों का ब्योरा अपने अभिलेखों में पंजीकृत कर लेती है। ये प्रमाण पत्र विभिन्न प्रक्रिया में काम आते हैं। हर महीने 25 से 30 प्रमाण पत्र जारी कराए जाते हैं।
अब पालिका से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शर्त लागू कर दी गई है। जिसके तहत प्रमाण पत्र बनवाने वाले को अपना गृहकर व जलकर जमा कर रशीद की प्रति जमा करनी होगी। जिसके बाद ही प्रमाण पत्र बनाया जाएगा। शहर में करीब पांच हजार ऐसे परिवार हैं, जिन्होंने अपना गृहकर व जलकर जमा नहीं किया है। पिछले पांच माह से कर जमा न होने की वजह से उन पर करीब 10 लाख रुपये की बकाएदारी हो गई है। कुल मिलाकर शहर में कुल 19 हजार करदाता हैं।
राजस्व निरीक्षक सुशील गिरि ने बताया कि कई गृहस्वामियों द्वारा गृहकर व जलकर जमा नहीं किया जा रहा था। जिसकी वजह से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब गृहकर व जलकर जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। बकाएदारों के पारिवारिक सदस्यों के प्रमाण नहीं बनाए जाएंगे।