एटा। अवैध शस्त्र के मामले में पंद्रह साल तक अदालत में मुकदमा चला। पुलिस और अदालत की कार्यवाही में न्याय के लिए संघर्ष करने के बाद आखिर बादशाह ने अपराध कबूल कर लिया। जिस पर अदालत ने रहम का बर्ताव करते हुए ढाई हजार रुपये जुर्माने से दंडित करने का आदेश दिया। हुआ यह कि जलेसर थाने के गांव मिसौली निवासी बादशाह उर्फ करुआ के खिलाफ जलेसर थाने में वर्ष 2008 में अवैध असलहा रखने का मामला दर्ज हुआ। तबसे लकर अदालत की कार्यवाही तक वह न्याय के लिए संघर्ष करते रहे। आखिर में उन्होंने अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। अपनी जुर्म इकबाल अर्जी में आरोपी ने बताया कि उसके अलावा परिवार की देखभाल करने वाला और कमाने वाला अन्य कोई व्यक्ति नहीं है। ऐसे में उसने अदालत से रहम की गुहार की। जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर मंगलदेव सिंह ने उसे ढाई हजार रुपये जुर्माने से दंडित कर छोड़ने का आदेश दिया। यह भी कहा कि जुर्माना न देने पर उसको पंद्रह दिन का साधारण कारावास भोगना होगा।