एटा। रामलीला कमेटी ने पालिकाध्यक्ष, ईओ और नायब तहसीलदार को आरोपी बनाते हुए अदालत में प्रार्थनापत्र दिया है। इसमें पिछले साल रामलीला के दुकानदारों से वसूली किए जाने को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। 24 जनवरी को इस मामले की सुनवाई की जाएगी।
पिछले साल शहर के सैनिक पड़ाव में रामलीला का आयोजन 19 सितंबर से 27 अक्तूबर तक किया गया था। रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों का आरोप है कि 17 अक्तूबर को नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी संजय गौतम, नायब तहसीलदार विक्रम चाहर और पालिकाध्यक्ष मीरा गांधी समेत कई पालिकाकर्मियों द्वारा अस्थायी दुकानों को जेसीबी से हटाने के लिए धमकाया गया। वहीं पांच से लेकर 12 हजार रुपये प्रति दुकानदार से वसूली की गई।
इस मामले की शिकायत रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत अन्य आला अधिकारियों से की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रामलीला कमेटी के महामंत्री स्वयं प्रकाश गौड इस मामले को न्यायालय में ले गए हैं। 11 जनवरी को प्रार्थनापत्र दायर कर रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील की है।