जैथरा/एटा। जैथरा क्षेत्र के गांव कसा निवासी धर्मेंद्र को 16 अप्रैल को पीटकर घायल कर दिया गया था। शनिवार को इलाज के दौरान आगरा में मौत हो गई। शव को यहां लाकर परिजनों ने थाने के सामने रखकर एटा-अलीगंज मार्ग पर देरशाम जाम लगा दिया। इस मामले में पुलिस ने 200 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
थाने पर तैनात दरोगा प्रवेंद्र कुमार ने मामला दर्ज कराया है। बताया कि थाने पर पहले से हत्या का प्रयास और गाली गलौज का मामला दर्ज था। अरविंद की मौत के बाद परिजनों के साथ ही 150 से 200 लोगों ने एटा-अलीगंज मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। समझाने के बाद भी नहीं माने। बाद में एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा और सीओ अलीगंज सुधांशु शेखर को भी आना पड़ा।
थाना प्रभारी रामेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि बेवजह जाम लगाने से यातायात बाधित रहा। काफी लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। समझाने के बाद भी इन लोगों ने जाम नहीं खोला। इसको लेकर 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज व अन्य वीडियो-फोटो के माध्यम से जाम लगाने वालों की पहचान की जा रही है।
यह था मामला
गांव के ही संतोष, अंकित, मुकेश, गगन ने जमीन पर अवैध कब्जा करने का विरोध करने पर अरविंद के सिर में फावड़ा से प्रहार कर दिया था। अरविंद के भाई धर्मेंद्र ने मुकदमा दर्ज कराया था। वारदात 16 अप्रैल सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही थी। लगातार चले इलाज के बाद शनिवार को अरविंद की आगरा में मौत हो गई। इसके बाद परिजन शाम को शव लेकर थाने पर पहुंचे। सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इनका आरोप था कि पुलिस आरोपियों को बचा रही है। मुकदमा दर्ज करने से लेकर अब तक उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। रात में ही एसडीएम मानवेंद्र सिंह भी पहुंचे। परिजनों को समझाया और उनकी बात मानते हुए रात में ही मुकदमा तरमीम करते हुए हत्या में दर्ज करा दिया था।