गेहूं को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा बाजार में
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किसान को गेहूं की सही कीमत नहीं रही। हालत यह है कि लागत तक नहीं निकल पा रही।
गेहूं की फसल जिले की प्रमुख फसल है। 1.02 लाख किसान इस फसल पर निर्भर है। इस वर्ष जिले में 99910 हेक्टेअर में गेहूं की बुबाई की गई। इस फसल पर मौसम की मार रही। न तो सर्दी पड़ी और न ही पर्याप्त बारिश। इस कारण फसल करा पैदावार भी कम हुई। फसल प्रभावित होने की स्थिति में विभाग ने क्राप कटिंग के माध्यम से 35 कुंटल गेहूं प्रति हेक्टेअर उत्पादन का अनुमान लगाया, लेकिन 20 से 22 क्विंटल गेहूं निकला। ऊपर से दाना भी खराब निकला। किसान को हल्के दाने के चलते बाजार में पूरी कीमत नहीं मिल रही। आढ़तिया ऐसी फसल की कीमत बाजार भाव से 50-60 रुपये क्विंटल कम दे रहे हैं।
गेहूं की फसल पर मौसम का असर रहा। पर्याप्त नमी न मिलने से दाना कमजोर हो गया, जिससे उत्पादन घट गया। भैरों शंकर शर्मा, किसान छावनी
गेहूं की फसल की लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। 20 क्विंटल हेक्टेयर के हिसाब से गेहूं निकल रहा है। इससे किसान को बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
राम किशोर, किसान इटउआ