एटा। रोडवेज बस दुर्घटना के बाद चालक की संविदा समाप्त करना विभाग के लिए भारी पड़ रहा है। चालक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है। वह जमानत नहीं करा रहा। बिना चालक की जमानत के बस थाने से छूट नहीं पा रही है। इसके लिए रोडवेज को प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फर्रुखाबाद डिपो की एक बस दिल्ली जाते समय 19 अगस्त की रात बागवाला थाना क्षेत्र के गांव कीलरमऊ के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक में टक्कर मार दी थी। इसमें चालक सहित 32 यात्री घायल हो गए थे। फर्रुखाबाद एआरएम ने मोहम्मदाबाद निवासी चालक अनिल कुमार की संविदा समाप्त कर दी थी। नियमित परिचालक को निलंबित कर दिया था। विभाग ने बागवाला थाने में बस को रिलीज कराने के लिए संपर्क किया।
नियम के अनुसार पहले चालक की जमानत कराना जरुरी है, इसके बाद वाहन की जमानत होगी। जब चालक से विभाग के अधिकारियों ने संपर्क किया तो आरोप लगाया कि उसकी बात सुने बिना ही बर्खास्त किया गया है, जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा तब तक वह जमानत नहीं कराएगा। इसके चलते एक माह से अधिक समय से बस थाने में खड़ी है।
बागवाला थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया निगम के अधिकारियों ने बस को रिलीज कराने के लिए संपर्क किया था। चालक की बिना जमानत के बस रिलीव नहीं हो सकती है। निगम के अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
चालक की लापरवाही के कारण उसकी संविदा समाप्त की गई थी। विधिक राय ली जा रही है। बस को जल्द की रिलीज कराया जाएगा।
आरसी यादव, एआरएम फर्रुखाबाद डिपो