राजा का रामपुर। विकास की प्रथम धुरी यातायात होता है, लेकिन कस्बे में यातायात सुविधाएं नगण्य हैं। रोडवेज बसों का संचालन ठप हो चुका है। डग्गामार वाहन मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं। ऐसे में लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
कस्बा से एटा डिपो की दो बसें संचालित होती थीं। एक दिल्ली से राजा का रामपुर एवं दूसरी एटा से राजा का रामपुर। महीनों से इन बसों के पहिए थमे हुए हैं। जिन लोगों को एटा, कायमगंज, फर्रुखाबाद, कासगंज आदि जाना होता है वो 10 किमी दूर अलीगंज जाकर बस पकड़ते हैं। अलीगंज तक का भाड़ा 50 से 100 रुपये तक देना पड़ता है। एआरएम राजेश यादव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के कुछ रूट बस संचालन के लिए चिह्नित किए गए हैं। इन पर कार्रवाई चल रही है।
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राजा का रामपुर का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा जो कि वर्षों बाद भी यहां सही तरह से यातायात सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं हैं। अगर यातायात सुविधा अच्छी हो तो क्षेत्र विकास करे। - पवन गुप्ता
दो ही बसें थीं, जिनका कस्बावासियों को सहारा था, लेकिन काफी दिनों से वो भी नहीं आ रहीं हैं। आखिर जरूरतमंद लोगों का सफर कैसे हो और व्यापार कैसे अच्छी तरह संचालित हों। - अनुज मिश्र