एटा। पशुपालन विभाग की ओर से अभियान चलाकर निराश्रित गोवंशों की नसबंदी की जाएगी। ताकि लगातार हो रही वंश वृद्धि को रोका जा सके। एक वर्ष तक के गोवंशों की इसमें शामिल किया जाएगा। नर गोवंशों की नसबंदी के लिए टीमें गठित कर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि निराश्रित गोवंशों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके लिए एक वर्ष से कम आयु के नर गोवंशों की नसबंदी (बध्याकरण) की जाएगी। बड़े नर गोवंशों को पकडने में समस्याएं ज्यादा हैं। कर्मचारियों व चिकित्सकों के लिए खतरा भी है। इस लिहाज से एक वर्ष तक के बछड़ों को शामिल किया जाएगा।
इससे गोवंशों की वंश वृद्धि रोकी जा सकेगी और कम संख्या होने पर उनके आश्रय और चारे की बेहतर व्यवस्था बनी रहेगी। अभियान पूरे जिले में चलाया जाएगा। इसके अलावा पशुपालकों को भी जागरूक किया जाएगा कि वह अपने बछड़ों (नर गोवंशों) का बध्याकरण करा लें। ताकि आने वाले समय में परेशानियां कम हो सकें।