एटा। टिकट बंटवारे के बाद से ही भाजपा में उथल-पुथल मची हुई है। तमाम पदाधिकारी और कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशियों को ही हराने में जुट गए। इसे लेकर पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सोमवार को 13 बागियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्हें छह साल के लिए निष्कासित किया गया है। इनमें से 9 लोग खुद चुनाव लड़ रहे हैं।पार्टी द्वारा तमाम बैठकें कर बागियों को समझाने का प्रयास किया गया। लेकिन यह लोग नहीं माने और नामांकन कर डाला। नामांकन के बाद भी उन्हें बैठाने के लिए प्रयास चलते रहे। हालांकि यह समय भी बीत गया और वह पार्टी प्रत्याशियों के विरोध में चुनाव प्रचार में ताकत झोंके हुए हैं। इन सबकी स्थानीय स्तर से सूची बनाकर प्रदेश नेतृत्व को भेजी गई थी। वहां से निर्देश मिलने के बाद सोमवार को कार्रवाई की गई।
जिलाध्यक्ष संदीप जैन ने बताया कि निधौली से शिखा गुप्ता, रामकिशन वर्मा व राकेश कुमार वर्मा, जलेसर से गौरी वर्मा, जैथरा से विवेक गुप्ता, राजा का रामपुर से सुनीता, अवागढ़ से मुन्नालाल गुप्ता, मिरहची से सर्वेश उपाध्याय व उनकी पत्नी लक्ष्मी उपाध्याय को निष्कासित किया गया है। यह सभी अध्यक्ष पद के लिए संबंधित निकायों से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं उनके समर्थन वाले जलेसर से गौरी वर्मा के पति संजीव वर्मा आइडिया, निधौली से विशांत गुप्ता, राजा का रामपुर से आशाराम, जैथरा से गौरव राठौर पर भी कार्रवाई की गई है। इन सभी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। यह भी बताया कि अभी कार्रवाई की सूची में अन्य बागियों के भी नाम हैं।