एटा। विद्यालयों में संचालित की जाने वाली बसों की निगरानी लगातार की जा रही है। इन बसों से नौनिहालों का सफर होता है, ऐसे में किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। परिवहन विभाग ने नियमावली के अनुसार विद्यालयों में संचालित 15 वर्ष पुरानी 70 बसों का चिह्नांकन कर प्रतिबंधित किया है।
जिले के विभिन्न विद्यालयों में करीब 300 बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों का सत्यापन कराया गया तो 15 वर्ष तक पुरानी 70 बसें पाई गई हैं। इनको प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब यह बसें विद्यालय में संचालित नहीं की जाएंगी। अगर विद्यालय संचालकों की मनमानी पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे बसों को विद्यालय से वंचित किया गया है ताकि बच्चों को लाने-ले जाने के कार्य से दूर रहें। परिवहन विभाग ने संबंधित बस स्वामियों और विद्यालय संचालकों को नोटिस भी जारी किए हैं।
एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार विद्यालयों में संचालित होने वाली बसों की आयु 15 वर्ष तक ही हैं। इससे अधिक समय वाली बसें पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगी। ऐसी बसों की संख्या 70 है जो सत्यापन में सामने आई है। इनको प्रतिबंधित किया गया है। नोटिस भी जारी किए हैं ताकि विद्यालयों में बसों का संचालन नहीं किया जाए।