बकरीद की अभी से तैयारियां दिखने लगी हैं। 25 सितंबर को ईद-उल-जुहा का पर्व मनाया जाएगा। बकरों की भी खरीफ फरोख्त शुरू हो गई है।
ईद-उल-जुहा का चांद देखने के बाद कस्बा एवं आसपास के क्षेत्र में बकरों की खरीदारी का दौर शुरू हो गया है। लोग कुर्बानी के लिए अच्छे बकरों की खरीदारी करने के लिए कस्बे की पशु पैंठ में आ रहे हैं। ईद-उल-जुहा यानी बकरा ईद का चांद मंगलवार को दिख गया है। चांद के दीदार के मुताबिक बुधवार को इस्लामी माह की एक तारीख और 25 सितंबर को चांद की दस तारीख को ईद-उल-जुहा का पर्व मनाया जाएगा। बकरा ईद की तैयारियों को लेकर कस्बा एवं क्षेत्र के मुस्लिम लोगों ने बकरों की खरीदारी करना शुरू कर दिया है। कस्बा में सप्ताह में दो बार लगने वाली पशु पैंठ में भी बाहर के व्यापारी बकरों की खरीद फरोख्त करने के लिए आते हैं। मिरहची की पैंठ से खरीदे गए बकरे दिल्ली और मुंबई तक व्यापारी बेचने के लिए ले जाते हैं। बताते हैं कि दिल्ली और मुंबई में बकरों की अच्छी कीमत मिलती है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष बकरों की डेढ़ गुनी कीमत बढ़ी हुई है।