मिरहची। कस्बा में खुले में घूम रहे गोवंशों का बुरा हाल है इनकी कोई भी सुध लेने वाला नहीं है। विभिन्न मार्गों पर घूम रहे गोवंश चोटिल अथवा बीमार हैं। इनको जगह-जगह बीमारी की स्थिति में देखा जा सकता है। इस सबके बाद भी जिम्मेदार ध्यान देने से कतरा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने खुले में घूम रहे गोवंशों को गोशालाओं में संरक्षित करने के निर्देश हैं। इनको गोशालाओं में सुरक्षित करने का बिल्कुल भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।
कस्बा की मुख्य मार्गों पर घूमते समय अधिकतर गोवंश वाहनों की टक्कर लगने से घायल हो रहे हैं। कुछ समाजसेवी उपचार को संबंधित विभाग को सूचना देते भी हैं उसके बाद भी बीमार गोवंश को उपचार नहीं मिल पा रहा। गर्मी व कड़ाके की धूप में गोवंश बीमार या घायल अवस्था में देखा जा सकते हैं। ऐसा ही नजारा एटा कासगंज हाईवे पर नगला नथा के पास शनिवार को देखने को मिला। यहां वाहन ने गोवंश को टक्कर मार दी, इसकी वजह से उसकी मौत हो गई। मृत पड़े गोवंश को किसी भी समाजसवी या बजरंग दल ने उठाने की जहमत तक नहीं दिखाई गई।
प्रभारी खंड विकास अधिकारी प्रभु दयाल ने बताया मृत्यु गोवंश की सूचना दे दी गई है। जल्द ही उसके सबको दफना दिया जाएगा।
पूरे ब्रज प्रांत की गोशालाओं में गोवंशों का बुरा हाल
एटा। विश्व हिन्दू परिषद गोरक्षा विभाग ब्रज प्रांत अध्यक्ष अरविन्द सिंह चौहान ने कहा कि पूरे ब्रज प्रांत में गोशालाओं में गोवंशो का बुरा हाल है। 13 अगस्त को प्रांत बैठक के बाद पूरे प्रांत में गोशालाओं पर छापे मारे जाएंगे। जिसके बाद यथा स्थिति से प्रदेश के मुखिया को भी अवगत कराया जाएगा।कहा कि दो-तीन गोशालाओं में निरीक्षण किया तो वहां काफी कमियां मिलीं। इन कमियों के बारे में अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन उसके बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। निरीक्षण के दौरान गोवंश बीमार, भूख से पीड़ित, चुटैल पड़े हुए थे। इसके अलावा भी अन्य समस्याओं से जूझते हुए दिखाई दिए। गोशालाओं में सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं थी। जिसकी वजह से गोवंश कीचड़ में खड़े रहने के लिए मजबूर थे।
इस संबंध मे अधिकारियों को बताया गया लेकिन कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। जो कि काफी चिंता का विषय है। इसी तरह गोवंश शहरों में व सड़कों पर घूमते नजर आते हैं। जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।जिसमें गोवंश तो चोटिल हो ही जाते हैं। साथ ही जनता भी घायल हो रही है। शहर में घूम रहे गोवंशों को गोशालाओं में नहीं पहुंचायाा जा रहा है।