एटा। बारिश के मौसम से बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार, पेट दर्द के साथ ही पीलिया रोग की भी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है और प्रतिदिन ओपीडी में लगभग 150 बच्चे पहुंच रहे हैं। लक्षण वाले बच्चों की जांच के दौरान आठ से 10 बच्चे पीलिया रोग से ग्रसित निकलते हैं।
विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 100 से अधिक बच्चे प्रतिदिन मेडिकल काॅलेज में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें पीलिया रोग से भी ग्रसित बच्चे होते हैं। बुधवार को बाल रोग विभाग में सीनियर रेजीडेंस डॉ. पारस ने बताया बरसात के माैसम में बच्चों का खान-पान बिगड़ रहा है। ऐसे में वह पीलिया का शिकार हो रहे हैं। कहा कि बुधवार को आठ बच्चे पीलिया रोग के उनके पास ओपीडी में पहुंचे। एसएनसीयू वार्ड के प्रभारी डॉ. अंशुल गुप्ता ने बताया समय से पहले जो प्रसव हो रहे हैं। या जिन नवजात का वजन जन्म के बाद कम है या फिर बच्चे का ब्लड ग्रुप मां या पिता से नहीं मिल रहा है। ऐसे नवजात पीलिया का शिकार हो जाते हैं।
दूसरी ओर बारिश का मौसम है और आसमान में बादल छाए रहने से धूप नहीं निकलती है। नवजात को धूप की जरूरत होती है। ऐसे में वह पीलिया का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसएनसीयू वार्ड में चार नवजात पीलिया के रोग से ग्रसित भर्ती है।