सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकीट के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करती आशा कार्यकर्ता। संवाद
सकीट। राजकीय कर्मचारी बनने की उम्मीद लगाए आशा कार्यकर्ताओं की धैर्य जवाब दे रहा है। तमाम तमाम कोशिश सफल होती नहीं दिखने पर उनका आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नतीजा उनका गुस्सा विरोध प्रदर्शन के रूप में प्रदर्शित हो रहा है। मंगलवार को कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के गेंट पर उन्होंने ताला जड़ दिया। इससे मरीजों को दिक्कत हुई। लगातार प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ता मंगलवार को वे नारे लगाती हुई अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने नारेबाजी करते हुए अस्पताल के मेन गेट पर ताला जड़ने से स्वास्थ्य कर्मचारियों में खलबली मच गई। इस दौरान प्रभारी चिकित्सक शिवकुमार राजपूत मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों की सूचना पर वह तत्काल अस्पताल पहुंच गए और प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं को समझाते हुए गेट खुलवाया। प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहीं यूनियन की अध्यक्ष पुष्पा देवी ने कहा उनकी मांगे पूरी न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगी। उनका कहना था कि कई बार मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिए जाने के बाद भी सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाना और 18000 रुपये प्रतिमाह मानदेय किया जाना उनकी प्रमुख मांग है। आशा कार्यकर्ताओं के तालाबंदी एवं प्रदर्शन से मरीज परेशान रहे। अस्पताल परिसर में नारेबाजी कर हंगामा करने से काम काज प्रभावित रहा। प्रदर्शन करने वालों में रेनू कुमारी, डॉली, रचना, मीरा देवी, नारायणश्री, ऊषा देवी, नीलम, राजश्री, संगीता सहित अनेक आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं। संवाद