एटा। बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रही है। वायरल बुखार के साथ ही बच्चे कोल्ड डायरिया के शिकार होने लगे हैं। मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में इस तरह के रोजाना 15 से 20 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निमोनिया के मामले भी देखने को मिल रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के अलावा नर्सिंग होम व क्लीनिकों पर काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
हालात यह हैं कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी खुलने से पहले ही बच्चों के परिजन उन्हें लेकर डॉक्टर का इंतजार करते नजर आते हैं। बीते एक सप्ताह से मरीज बच्चों की संख्या में अधिक इजाफा हुआ है। कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पारस ने बताया कि बच्चों में इन दिनों तीन प्रकार की बीमारी की शिकायत मिल रही है। वायरल फीवर, कोल्ड डायरिया और निमोनिया बच्चों को परेशान कर रहा है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में प्रतिदिन 150 के करीब बच्चे आते हैं। उसमें से 15 से 20 बच्चे कोल्ड डायरिया के शिकार पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निमोनिया के केस भी आ रहे हैं। कहा कि बुधवार को 18 बच्चे कोल्ड डायरिया के आए।
बच्चों को उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायत हो रही है। इस मौसम में बच्चों के प्रति बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप गुप्ता कहते हैं कि कोल्ड डायरिया में पहले बच्चों को दस्त और उल्टी होने लगती है। बच्चों में पानी की कमी न हो इसके लिए सबसे पहले ओआरएस का घोल पिलाया जाए। जिससे पानी की कमी पूरी हो सके। बच्चों को भीड़भाड़ वाले स्थान पर न ले जाएं।
डायरिया के लक्षण
- पतला मल आना।
- पेट में दर्द के साथ सूजन होना
- शरीर में पानी की कमी होना।
- बार-बार बुखार आना।
- मल के साथ खून आना।
- भूख में कमी आना।
- पेट में ऐंठन होना।