एटा। सास द्वारा दर्ज कराए मामले में दामाद और उसकी मां व भाई ने सात साल तक दहेज का आरोप झेला। अलीगढ़ से तारीखें करने एटा अदालत आते थे लेकिन न्याय की कसौटी पर मामला साबित न हो सका।
गांव सुपैती थाना मिरहची निवासी विमलेश ने अपने दामाद राजीव निवासी नगला लोचन थाना पाली मुकीमपुर जिला अलीगढ़, उसकी मां भूदेवी, भाई विजनेश के खिलाफ दहेज के लिए बेटी सीमा को प्रताड़ित करने का मामला दर्ज कराया। विमलेश ने बताया कि सीमा की शादी 1 जुलाई 2014 को हुई थी। दहेज की मांग के चलते 19 फरवरी 2015 को आरोपी सीमा को मायके छोड़ गए।
पुलिस थाने व अदालत के चक्कर काटने के लिए आरोपी अलीगढ़ से एटा आते रहे। जब मामले को न्याय की कसौटी पर गवाह व सबूतों के माध्यम से परखा तो न्यायिक मजिस्ट्रेट त्वरित न्यायालय क्राइम अगेंस्ट वोमेन तान्या गुप्ता ने पाया कि गवाहों के बयान मामले को अविश्वसनीय बना रहे हैं। ऐसे में उन्होंने आरोपियों को बरी करते हुए उनके जमानतदारों को जमानतों से मुक्त कर दिया।