एटा। मंगलवार को भी जनपद मुख्यालय पर अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रही। हापुड़ कांड के पीड़ित साथियों को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत चल रहे है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार दोषियों को प्रश्रय नहीं दे सकती। 29 अगस्त को हापुड़ में हुई घटना के चलते कई दिनों से चली आ रही हड़ताल के चलते कचहरी परिसर और अदालत परिसर में भले ही वादकारियों की संख्या कम हो, लेकिन अधिवक्ताओं का हौंसला किसी भी स्तर पर कम नहीं है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द पीड़ित अधिवक्ताओं को न्याय दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। सरकार लोक कल्याणकारी राज्य की परिकल्पना में दोषियों को प्रश्रय नहीं दे सकती। अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह सिकरवार, महासचिव गिरीश चंद्र शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उदयराज सिंह सोलंकी व सीनियर गवर्निंग काउंसिल राजेश कुमार चौहान का कहना है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करना समय की मांग है। कहा इसमें सरकार को कोई देरी नहीं करनी चाहिए। इस दौरान पूर्व महासचिव राकेश यादव, उपाध्यक्ष नैना शर्मा, प्रवेंद्र यादव, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश चंद्र राजपूत, सुमित शाक्य, संयुक्त सचिव अर्जुन यादव, अविनाश कुमार यादव, जगन वार्ष्णेय, कोषाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ गवर्निंग काउंसिल लोकेंद्र पाल राजपूत, नीरज शर्मा, अशोक कुमार गुप्ता, नीरज कुमार गुप्ता, लोकेंद्र बाबू, जूनियर गवर्निंग काउंसिल अनुभव वार्ष्णेय, अनूप कुमार पांडेय, गौरव शर्मा, हरेंद्र सिंह बघेल, हृदेश कुमार, शारिव अली, देवेंद्र नारायण पांडेय, प्रशांत यादव आदि मौजूद रहे। संवाद