एटा। पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास प्रदान किया जाता है। ब्लॉक सकीट में पीएम आवास ग्रामीण योजना के तहत चल रहे सत्यापन और सर्वेक्षण कार्य में लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां कार्यों में ढिलाई और अनियमितताएं मिली। इसी के लेकर परियोजना निदेशक ने बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।
पीएम आवास योजना के तहत लाभार्थियों का चयन करने के लिए निर्धारित सत्यापन और सर्वेक्षण प्रक्रिया को निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया जाना है। बीडीओ फैजल आलम की लापरवाही की वजह से योजना का कार्य प्रभावित हुआ और जरूरतमंद लाभार्थियों तक इसका लाभ नहीं पहुंच सका। कई मामलों में पाया गया कि लाभार्थियों की सूची का सही से सत्यापन नहीं किया गया। 51 आवास बीते वर्ष के अभी भी अपूर्ण हैं। जिससे योजना में पारदर्शिता की कमी महसूस हुई।
इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परियोजना निदेशक ने संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) फैजल आलम को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बीडीओ ने कई प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का सही से पालन नहीं किया। इसके साथ ही अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए वे अपने कार्यों में पूर्णतया पारदर्शिता और निष्पक्षता का पालन करें, ताकि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो सके और जरूरतमंदों तक इसका लाभ पहुंचे।
पीडी डीआरडीए सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि बीडीओ फैजल आलम की ओर से लापरवाही बरती गई। 51 आवास अपूर्ण हैं और 11 का सत्यापन नहीं किया है। विभागीय कार्याें में लापरवाही बरते जाने के चलते प्रतिकूल प्रविष्टि की कार्रवाई की गई है।