एटा। उप्र बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है। पहले दिन आधे से अधिक परीक्षक मूल्यांकन केंद्र से नदारद रहे। जबकि मूल्यांकन में शिथिलता न बरतने के निर्देश हैं। अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेंद्र देव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए आदेश में कहा है कि मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में कोई शिथिलता न बरती जाए। मूल्यांकन कार्य में जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। वह ईमानदारी से काम करें। वहीं जान-बूझकर अनुपस्थित रहने वाले व्यक्तियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
डीआईओएस मिथलेश कुमार ने बताया जिले में 174 डीएचई व 1634 परीक्षक लगाए गए हैं। पहले दिन आधे से अधिक परीक्षक अनुपस्थित रहे थे। उन्होंने बताया सभी को निर्देश जारी कर दिए हैं। अगर कोई परीक्षक गायब रहता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ से हो रही निगरानी
डीआईओएस ने बताया इस बार मूल्यांकन की निगरानी लखनऊ स्तर से भी की जा रही है। जीआईसी में बने कंट्रोल रूम को लखनऊ से जोड़ा गया है। इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।