उत्तर प्रदेश के एटा जिले के कोतवाली नगर में पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ है। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2011 में पूर्व विधायक ने वारदात को अंजाम दिया। साथ ही उसके दो पुत्रों और भाई पूर्व जिपंअ जुगेंद्र सिंह यादव पर छेड़छाड़ व धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल अन्य मामलों में पूर्व विधायक जेल में हैं।
कासगंज जिला निवासी पीड़िता ने बताया कि उसका पति दिव्यांग है। वह वारदात के समय अस्वस्थ था। उसके छोटे-छोटे बच्चे थे। आर्थिक स्थिति खराब थी। वह 15 नवंबर 2011 को रामेश्वर सिंह यादव से शहर में बस स्टैंड स्थित उनके मकान पर मिली। उन्होंने जनता इंटर कॉलेज कैल्ठा में 15 हजार वेतन पर चपरासी की नौकरी दिलवाने का भरोसा दिया। दो-तीन दिन बाद बुलाकर कहा कि मैं अकेला रहता हूं। खाना बनाने आदि की परेशानी है। तुम यहीं आकर रहो।
पूर्व विधायक उसका शारीरिक शोषण करते रहे
आरोप है कि इस दौरान पूर्व विधायक उसका शारीरिक शोषण करते रहे। विरोध करने पर नौकरी न लगवाने की धमकी देते थे। बाद में नौकरी भी नहीं लगवाई। मार्च 2012 में वह अलीगंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। बताया कि 9 मार्च 2012 को मैं बस स्टैंड वाले मकान पर गई। नौकरी न लगवाने तथा शारीरिक शोषण करने को लेकर पूर्व विधायक से बात की।
इस पर रामेश्वर सिंह यादव और उनके पुत्र प्रमोद यादव व सुबोध यादव सहित पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव ने पिस्टल का भय दिखाकर हमला कर दिया। उसके कपड़े फाड़ दिए। पिटाई करके जान से मारने की धमकी दी। सपा की सरकार बन गई, इसलिए डर के मारे वह छिपकर रहने लगी। अब पता लगा है कि रामेश्वर सिंह जेल में निरुद्ध है। साथ ही जुगेंद्र, सुबोध व प्रमोद वांछित चल रहे हैं। इसलिए हिम्मत बढ़ी और रिपोर्ट दर्ज कराने आई हूं।
सपा सरकार में पीड़िता को ही भिजवा दिया था जेल
इस महिला ने अब रामेश्वर सिंह के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। सपा सरकार में उसके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि जैथरा थाना में एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज कर उसे जेल भी भेज दिया गया था। जमानत पर बाहर आई तो धमकियां मिलने लगीं। इसके चलते वह कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। सीओ सिटी राजकुमार सिंह ने कहा कि महिला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। एक अभियुक्त जेल में है। जांच और कार्रवाई की जा रही है।