एटा। जिले में कुष्ठ रोगियों को बेहतर उपचार मिल सके। इसके लिए जनपद में उनकी तलाश की जाएगी। 500 टीमों को गठित कर यह जिम्मेदारी दी गई है। टीमें घर-घर जाकर प्रत्येक व्यक्ति के बारे में जानकारी करेंगी। वहीं मरीज के मिलने की सूचना मुख्यालय पर देंगी।
डिप्टी सीएमओ व कुष्ठ रोग के नोडल अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र नागर ने बताया कि कुष्ठ रोगियों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। रोग के लक्षणों के बारे में लोगों को जानकारी नहीं होती है। ग्रामीण क्षेत्र में यह स्थिति अधिक देखने को मिलती है। वह कुष्ठ रोग को शुरुआत में दाग या धब्बा समझकर लापरवाही कर जाते हैं, जो बाद में उनके लिए घातक हो जाती है। उन्होंने बताया वर्तमान में जिले में कुल 478 कुष्ठ रोग से ग्रसित मरीज हैं। जिनका निशुल्क इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य टीमें उनकी निगरानी कर रहीं हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जिले में कुष्ठ रोगियों को खोजा जाएगा। टीम की सूचना पर चिकित्सकों की टीम भेज जांच कराई जाएगी। अगर संबधित व्यक्ति को कुष्ठ रोग है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा। सीएचसी अधीक्षकों से माइक्रोप्लान मांगा गया है। जल्द ही अभियान की तिथियां निर्धारित की जाएंगी।