एटा। परिषदीय स्कूलों में नए शिक्षा सत्र के शुरू हुए 40 दिन बीत चुके हैं। इसके बाद भी कक्षा 1 से 3 तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों के लिए किताबें उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। जबकि नए शिक्षा सत्र से इन कक्षाओं में एनसीईआरटी की पुस्तकों से ही पढ़ाई होनी है। किताब के अभाव में छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हैं, वहीं छात्र परेशान नजर आए। नए शिक्षा सत्र में शासन ने कक्षा तीन तक के बच्चों को पढ़ने के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किए है। जबकि कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों के लिए पहले जैसे ही पाठ्यक्रम लागू है। इन बच्चों के लिए मार्च माह में ही पुस्तकों की उपलब्धता कर दी गई थी। हालांकि पूरी पुस्तकें इन बच्चों को भी नहीं मिली हैं, लेकिन जो आ गईं है। उनका वितरण कर दिया गया है।
जबकि कक्षा एक से तीन तक के छात्रों के लिए पुस्तकों की उपलब्धता अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे में बच्चों को पुराने पाठ्यक्रम की किताबों से ही पढ़ाया जा रहा है। डीसी समन्वय सर्व शिक्षा अभियान अरुण शर्मा ने बताया कि कक्षा एक से तीन तक की किताबों के आने में देरी हो रही है। कुछ किताबें आ गईं है सभी किताबों के आने पर वितरण किया जाएगा। कक्षा छह की एक किताब बची है।
पढ़ाई में देरी से अभिभावक चिंतित
एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर कोर्स में बदलाव किया गया है। किताबें मिलने में देरी हो रही। जिसे लेकर अभिभावक चिंतित हैं। कक्षा 2 के छात्र राजू के पिता दीपक और कक्षा 3 की छात्रा स्वाती के पिता अमीर सिंह का कहना है कि नए पाठ्यक्रम को समझने में बच्चों को अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। किताबें देरी से मिलेंगी तो पढ़ाई और कठिन लगेगी।