एटा। तीर्थक्षेत्र अयोध्या में भगवान श्रीराम लला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होगी। इसके बाद 26 जनवरी से सीमित लोगों को दर्शन का अवसर दिया जाएगा। जिले से 30 लोगों को आमजन के लिए पहले दर्शन का सौभाग्य मिलेगा। जिनमें साधु-संत और संघ परिवार से जुड़े लोगों के नाम शामिल किए जाएंगे।
22 जनवरी को प्रतिष्ठा कार्यक्रम में केवल विशिष्ट लोग ही उपस्थित रहेंगे। इसके बाद 26 जनवरी से भगवान के दर्शन के लिए भी खास लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री शिवांग गुप्ता ने बताया कि 26 जनवरी से दर्शन का सिलसिला शुरू होगा। जिसमें सबसे पहले साधु-संतों को अवसर दिया जाएगा। साथ ही संघ परिवार के सदस्यों को भी यह सौभाग्य मिलेगा। जिला स्तर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा इनके नाम की सूची तैयार कर भेजी जाएगी। जिनको स्वीकृति देकर पहचान पत्र बनवाकर यहां भेजे जाएंगे। केवल पहचान पत्र वाले लोगों को ही अयोध्या मंदिर में प्रवेश मिलेगा।
उन्होंने बताया कि जिले के प्रमुख संतों के नाम सूची में सम्मिलित किए जाएंगे। इसके बाद संघ के सदस्यों को वरीयता क्रम में रखा जाएगा। प्रांत स्तर, जिला स्तर आदि के कार्यकर्ता चुने जाएंगे। जल्द ही इन सभी लोगों के नाम तय कर लिए जाएंगे। बताया कि 45 दिन तक 11 प्रांतों से एक-एक दिन कर इसी तरह दर्शन कराए जाएंगे। जबकि मार्च में आमजन के लिए दर्शन की शुरूआत होगी।