एटा। थाना रिजोर क्षेत्र में चपरई से सकीट रोड पर फर्जी तरीके से पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा था। इसे मैनपुरी का एक युवक जमीन किराए पर लेकर चला रहा था। फर्जी पेट्रोल पंप चलने की सूचना पर नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने छापा मारा। संचालक पेट्रोल पंप चलाने के कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। इसके बाद पंप को सील कर मैनपुरी के संचालक सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी दिग्विजय सिंह ने पेट्रोल पंप पर तैनात सेल्समैन नरेंद्र कुमार निवासी नगला तार तहसील भोगांव जिला मैनपुरी, प्रबंधक अमित तिवारी निवासी नगला तार ब्लॉक जागीर मैनपुरी, पंप स्वामी सुरेंद्र निवासी राम भूपतपुर जिला मैनपुरी और जमीन स्वामी विनोद निवासी गोपालपुर थाना रिजोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताया कि शिकायत के आधार पर उच्चाधिकारियों ने टीम बनाई। इसमें तहसीलदार सतीश, पूर्ति निरीक्षक जलेसर हरीश राज रंजन, जैथरा की धारणा चौहान और मारहरा पूर्ति निरीक्षक प्रियम पांडेय की संयुक्त टीम ने गांव गोपालपुर स्थित मां वैष्णो फिलिंग स्टेशन (पेट्रोल पंप) पर 29 नवंबर की दोपहर करीब 12.45 बजे छापा मारा।
यहां टीम ने पंप संचालन के दस्तावेज मांगें तो नहीं मिले। जबकि दो भूमिगत टैंकों को लगाकर पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा है, इनमें से में डीलज और दूसरे में पेट्रोल भरा पाया गया। दोनों टैंकों में 2-2 हजार लीटर डीजल और पेट्रोल भरा पाया गया। मशीन के दो नोजिल लगाकर बिक्री की जा रही थी। उसी दिन पंप को सील कर दिया गया। जबकि संचालक को कागजात प्रस्तुत करने का समय दिया गया। जब कोई वैद्य कागजात पेश नहीं किए गए तो शनिवार को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
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एस्सार कंपनी की दर्शाई गई थी पंप
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने कराई गई रिपोर्ट में कहा कि गांव गोपालपुर में संचालित पेट्रोल पंप के स्वामी द्वारा अनधिकृत रूप से संचालन किया जा रहा था। जबकि एस्सार कंपनी का पंप दर्शाया गया था। जिसमें अवैध रूप से डीजल और पेट्रोल का भंडारण करके बिक्री की जा रही थी। धोखाधड़ी करने के मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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बीच सड़क चलता रहा पंप, नहीं लगी किसी को भनक
बिना लाइसेंस के पेट्रोल पंप का संचालन हो रहा था। विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। जबकि पेट्रोल पंप पर बोर्ड आदि नहीं लगा था। जब शिकायत की गई तो मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद टीम बनाकर वहां छापा मारा गया। इस दौरान पड़ोस के गांव के लोग पेट्रोल व डीजल खरीदते मिले। कागजात दिखाने को टीम ने कहा लेकिन कोई कागजात नहीं दिखा पाया।
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जांच हुई तो पकड़ में आ सकता है बड़ा रैकेट
मामले में अगर ढंग से जांच की गई तो बड़ा रैकेट पकड़ में आ सकता है। दरअसल जब पंप का लाइसेंस ही नहीं था तो यह लोग पेट्रोल-डीजल कहां से ला रहे थे? यह सवाल बड़ा है। तेल कंपनी अनधिकृत व्यक्ति को आवंटन नहीं कर सकतीं। यदि आपूर्ति कंपनी से नहीं की गई तो लगातार कहां से भेजा जा रहा था? इन सब सवालों के जवाब ढूंढ़कर ही मास्टर माइंड लोगों तक पहुंचा जा सकता है।
एक व्यक्ति द्वारा बिना बोर्ड के पेट्रोल पंप संचालित होने की शिकायत की गई। इस पर पूर्ति निरीक्षक सहित नायब तहसीलदार व पुलिस फोर्स को भेजा गया। वहां मौजूद कर्मचारी कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। इस पर टैंक आदि को सील करने की कार्रवाई की गई है। वहीं संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। -कमलेश गुप्ता, डीएसओ
चपरई-सकीट मार्ग पर गांव गोपालपुर के पास मां वैष्णो फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप चल रहा था। यहां पर पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने छापा मारा था। पुलिस को भी बुलाया गया। पंप संचालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। -अल्का तोमर, थानाध्यक्ष