एटा। धोखाधड़ी से मकान बेचकर 25 लाख रुपये हड़पने की रिपोर्ट कोतवाली नगर में दर्ज कराई गई थी। मामले में जिला जज की अदालत ने दो आरोपी भाइयों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
अदालत में आगरा के एत्मादपुर यमुना ब्रिज स्थित राधापुरम काॅलोनी निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह व भारतेंद्र प्रताप सिंह की जमानत अर्जी पेश हुईं। जिन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी मां के साथ मिलकर वादी रवि वर्मा को एटा शहर स्थित सुंदरलाल स्ट्रीट स्थित के मकान को 25 लाख रुपये में बेचकर 27 नवंबर 2018 को सदर तहसील में बैनामा भी करा दिया।
1 दिसंबर 2018 को पता चला कि इस मकान पर 1972 से सिविल जज की अदालत में विवाद चल रहा था। जिसमें 13 अप्रैल 1977 को निर्णय भी हो चुका था। जिससे वादी को पता चला कि आरोपियों ने उसके साथ धोखाधड़ी करके 25 लाख रुपये हड़प लिए। अदालत में दोनों भाइयों ने आरोपों को झूठा बताया। जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह राठौर ने अर्जी का विरोध करते हुए 1972 से चली सिविल कोर्ट की कार्यवाही की अदालत को जानकारी दी। जिस पर जनपद न्यायाधीश अनुपम कुमार ने आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।