संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। निगम के उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली मिले। इसके लिए उच्चाधिकरियों के निर्देश हैं कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। लेकिन उपभोक्ताओं द्वारा निगम का बिल समय से जमा नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के दोनों खंडों के उपभोक्ताओं पर निगम का 188 करोड़ रुपये बिल बकाया है।
ग्रामीण प्रथम में 86227 घरेलू विद्युत निगम के उपभोक्ता हैं। जबकि 8580 नलकूप उपभोक्ता हैं। यहां 17 प्रतिशत उपभोक्ताओं द्वारा प्रतिमाह विद्युत बिल जमा किया जा रहा है। जबकि 83 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं जो प्रतिमाह बिल जमा नहीं करते हैं। इसी का परिणाम है कि ग्रामीण प्रथम के उपभोक्ताओं पर निगम का करीब 88 करोड़ रुपये बकाया है।
अधिशाषी अभियंता ग्रामीण प्रथम वैभव आनंद ने बताया बकाएदारों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर करीब 88 करोड़ का बकाया है। जबकि ग्रामीण द्वितीय में एक लाख तीन हजार निगम के उपभोक्ता हैं। इसमें 85 उपभोक्ता नलकूप वाले शामिल हैं। यहां 13953 उपभोक्ताओं द्वारा प्रतिमाह विद्युत बिल जमा किया जा रहा है। जबकि 89047 उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं। इन उपभोक्ताओं पर निगम का 100 करोड़ का बकाया है। अधिशाषी अभियंता एपी सिंह ने बताया कि बकाया वसूली को लेकर लगातार अभियान चल रहा है।
शहरी उपभोक्ताओं पर तीन करोड़ बकाया
विद्युत निगम के शहर में करीब 34 हजार उपभोक्ता हैं। यहां लगभग साढ़े 23 हजार उपभोक्ता प्रतिमाह बिल जमा कर रहे हैं। सात हजार के करीब ऐसे उपभोक्ता हैं। जिन पर निगम का तीन करोड़ बिल बकाया है। शहरी अधिशाषी अभियंता जीसीएल भटनागर ने बताया सात हजार के करीब उपभोक्ता हैं जिन पर बकाया है।