केंद्र पर निरीक्षण करते जिला कृषि अधिकारी ।संवाद
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एटा। जिले में किसानों को डीएपी के बाद अब यूरिया लेने के लिए भी कतार में लगना पड़ रहा है। शुक्रवार को करीब 1534 मीट्रिक टन यूरिया आने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल पाई। दिनभर यूरिया के लिए सहकारी समितियों पर मारामारी की स्थिति रही।
शुक्रवार को अलीगंज मार्ग स्थित प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र और नवीन गल्ला मंडी स्थित इफ्को किसान सेवा केंद्र पर सुबह से ही किसानों की कतार लगना शुरू हो गई। सुबह दस बजे के बाद से वितरण शुरू किया गया। इस दौरान दिनभर किसानों की लंबी कतार लगीं रहीं। शाम पांच बजे तक कतार बनी रही। इस दौरान कई किसान बिना यूरिया के ही लौटते दिखे।
जिला कृषि अधिकारी ने किया निरीक्षण
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने शुक्रवार को अलीगंज मार्ग स्थित सहकारी समिति का निरीक्षण किया। यूरिया का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में पाया गया। वहीं उन्होंने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर यूरिया रैक की जानकारी ली। बताया कि शुक्रवार को जिले के लिए करीब 1534 मीट्रिक टन यूरिया पहुंची है। सभी केंद्र समेत निजी विक्रेताओं को वितरित कराई जा रही है।
किसान यूनियन ने दिया ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व को ज्ञापन सौंपा। कहा कि पूर्व में डीएपी तो अब यूरिया के लिए किसान परेशान है। फुटकर विक्रेता 325 से 350 रुपये में पैकेट उपलब्ध करा रहे हैं। थोक विक्रेता ही 310 रुपये की दर से उन्हें यूरिया बेच रहा है। जबकि सरकार की तरफ से इसका बिक्री मूल्य 267.50 रुपये है। पदाधिकारियों ने विक्रेताओं पर नियंत्रण कर यूरिया को निर्धारित दरों में पर्याप्त रूप से किसानों को उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदेश सचिव ओमप्रकाश, जिला संयोजक राजेंद्र सिंह, शेषपाल, महीपाल सिंह मौजूद रहे।