एटा। मेडिकल कॉलेज की टीबीसीडी (टीबी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट) में मंगलवार को सांस के 15 मरीज पहुंचे। उन्हें परीक्षण के आधार पर दवा दी गईं। चिकित्सकों के अनुसार दिवाली पर पटाखों से प्रदूषण बढ़ने की वजह से सांस रोगियों व टीबी के मरीजों को दिक्कत हो रही हैं।जिले में दिवाली के बाद वायु प्रदूषण होने की वजह से सबसे अधिक सांस, अस्थमा और टीबी के मरीजों को दिक्कतें होने लगी हैं। डॉ. शिवांक ने बताया कि पटाखे जलने के बाद वायु प्रदूषण अधिक हो गया है। इससे सांस और टीबी के मरीजों को सबसे अधिक दिक्कतें हो रही हैं। उन्हें परीक्षण के आधार पर दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को 2 टीबी पीड़ित और शेष 13 मरीज सांस से संबंधित उपचार लेने के लिए आए जिन्हें दवाएं दी गईं। सांस और टीबी के मरीजों को घर के अंदर ही रहना चाहिए जिससे कि उन्हें कोई दिक्कत न हो। साथ ही दवाओं को नियमित रूप से सेवन करते रहें।
इन बातों का रखें ध्यानः
- बाहर निकलते वक्त मास्क पहनें।
- घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें।
- आवश्यक दवाओं का सेवन करते रहें। इन्हेलर अपने पास ही रखें।
- तले-भुने व मसालेदार भोजन से बचें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।